हिमाचल विधानसभा; नौ सौ संस्थानों को डिनोटिफाई करने के मुद्दे पर भाजपा का वॉकआउट

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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा का पहला सत्र हंगामे और वाकआउट के साथ शुरू हुआ। विपक्षी दल भाजपा ने सत्र के पहले दिन विधायकों के शपथ से पहले ही प्रदेश की नवगठित कांग्रेस सरकार द्वारा पूर्व भाजपा सरकार के अंतिम वर्ष के कार्यकाल में खोले गए लगभग नौ सौ संस्थानों को बंद करने के मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा किया और शपथ ग्रहण के बाद वाकआउट कर दिया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व सरकार के अंतिम वर्ष के कार्यकाल में खोले गए संस्थानों को डिनोटिफाई करने का मामला उठाया।

उन्होंने कहा कि विधायकों की शपथ तो 24-25 दिन बाद हो रही है, लेकिन सरकार ने इससे पहले ही पूर्व सरकार के कार्यकाल में खुले संस्थानों को डिनोटिफाई करने की झड़ी लगा दी है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में इस तरह बदले की भावना से कभी काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार जनादेश का अपमान कर रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में नए संस्थान खोलने का फैसला कैबिनेट ने लिया है और कैबिनेट ही इन संस्थानों को बंद करने का फैसला ले सकती है, लेकिन प्रदेश में अभी तक कैबिनेट का गठन ही नहीं हुआ है, ऐसे में पूर्व में खुले संस्थानों को नियमों को तहत डिनोटिफाई नहीं किया जा सकता।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि उनकी सरकार डिनोटिफाई किए संस्थानों को जरूरत के हिसाब से और पुनः समीक्षा के आधार पर फिर से खोलने पर विचार करेगी। सुक्खू ने आज विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के बाद कहा कि ऐसे संस्थानों के लिए पहले बजट और स्टाफ का इंतजाम किया जाएगा, इसके बाद जरूरत के हिसाब से इन्हें फिर से खोला जाएगा।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व सरकार ने अंतिम 9 महीने के कार्यकाल में 900 से अधिक संस्थान खोले। इनमें से 3 सौ 86 स्कूल और 5 सौ 84 अन्य संस्थान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों को बिना बजट के खोला गया और इन्हें चलाने के लिए लगभग पांच हजार करोड़ रुपए की जरूरत है।

सुक्खू ने कहा कि पूर्व सरकार ने ऐसे सीएचसी खोल दिए, जहां केवल पाउंडर ही तैनात था, जबकि हाई स्कूल केवल चपरासी के सहारे खोल दिए। उन्होंने कटाक्ष किया कि 900 से अधिक संस्थान खोलने के बावजूद जनता ने भाजपा को विपक्ष में बिठा दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एक बच्चे को भी शिक्षा से वंचित नहीं रहने देगी और जहां जरूरत होगी, वहां, एक बच्चे के लिए भी स्कूल खुलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार ने चुनाव से ठीक पहले बिना शिक्षकों के स्कूल खोले, जिनमे 130 ऐसे सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं।

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