Himachal; सरकार डेडलाइन के अंदर पूरी नहीं कर पाई 203 सड़कों का काम, मौसम को देखते हुए मांगा समय

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हिमाचल प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चरण-एक और दो की डेडलाइन को पूरा नहीं कर पाई है। इस समय सीमा में 203 सड़कों का काम पूरा नहीं हो पाया है।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसके लिए इस साल सितंबर अंत तक की समय-सीमा तय की थी, मगर यह संभव नहीं हो पाया है। अब जयराम सरकार इसके लिए मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर मोहलत मांगेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पीएमजीएसवाई सड़कों का पहला चरण तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में दिसंबर 2000 में शुरू हुआ था। इसे 100 फीसदी केंद्र वित्त पोषित योजना के रूप में आरंभ किया गया। इस योजना का मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की कनेक्टिविटी बढ़ाना रखा गया।

बाद में इसमें केंद्र के साथ राज्य की बजट हिस्सेदारी भी रखी गई। हिमाचल प्रदेश समेत अन्य विशेष श्रेणी राज्यों के लिए इसमें विशेष छूट दी गई है। फिर इस योजना का दूसरा चरण भी शुरू हुआ। पिछले कुछ वर्षों में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इन दोनों चरणों की सड़कों का काम पूरा करने के निर्देश दिए और इन दोनों चरणों को बंद करने को कहा। इसके लिए सभी राज्यों को बार-बार नोटिस और रिमाइंडर भी भेजे गए। अब केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी इस बारे में सितंबर महीने तक की डेडलाइन तय की है। हिमाचल प्रदेश में इन दोनों चरणों की 203 सड़कें अभी अधूरी हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ये किसी भी सूरत में 31 सितंबर 2022 तक बनाकर पूरी नहीं की जा सकती हैं।

हिमाचल की भौगोलिकता और मौसम को देखते हुए रियायत मांगी : अजय गुप्ता
– राज्य लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता अजय गुप्ता ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय से आग्रह किया जा रहा है कि पीएमजीएसवाई चरण-एक और दो के लिए यह मोहलत बढ़ा दी जाए। हिमाचल प्रदेश में बर्फीले इलाकों में बहुत कम समय काम हो पाता है। सर्दियोें और बरसात में भी यहां पूरी रफ्तार से काम नहीं हो पाता है। यहां की भौगोलिकता को देखते हुए इस संबंध में हिमाचल के लिए डेडलाइन बढ़ा दी जाए।

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