Himachal Election 2022: क्यों मतदान से वंचित रह गए सरकारी कर्मचारी, क्या है फॉर्म 12, जानिए सबकुछ

0

शिमला,। Himachal Election 2022, हिमाचल प्रदेश के विभिन्न मतदान केंद्रों पर पदस्थ वे कर्मचारी मतदान नहीं कर सकते हैं, जिनका फार्म-12 नौ नवंबर से पहले नहीं पहुंचा है। चुनाव विभाग ने निर्देश दिया था कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी फार्म-12 भरकर सत्यापन कराकर भेंजे। संबंधित उप-मंडल के चुनाव अधिकारी को पोस्ट करें। कुछ कर्मचारी दूर-दराज के क्षेत्रों में तैनात थे और देर से मेल करने या फॉर्म-12 भरने के बाद देरी से पहुंचने के कारण मतदान से वंचित रह गए। पोलिंग पार्टियों को 10 नवंबर को मतदान के लिए भेजा गया था और 9 नवंबर को ही उनके फॉर्म पैक कर दिए गए थे। इसके बाद जिन कर्मियों के फार्म पहुंचे उन्हें मतपत्र जारी नहीं किए जा सके।

क्या है प्रक्रिया

निर्वाचन विभाग के अनुसार जिला में चुनाव ड्यूटी के लिए तैनात कर्मचारियों को रिहर्सल के पहले दिन यानी 25 अक्टूबर को ही फार्म-12 उपलब्ध करवा दिए थे। इन फार्म को भरने के बाद उनका सत्यापन करवाकर उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी को डाक से भेजना था। उसके बाद सभी फार्म पहुंचने पर निर्वाचन अधिकारी द्वारा जिला निर्वाचन विभाग को मांग भेजी जानी थी। मांग के मुताबिक संबंधित कर्मियों के लिए पूरी सुरक्षा के साथ मतपत्र संबंधित निवार्चन अधिकारी तक पहुंचाए जाने थे। उन्हें कोषागार में सुरक्षित रखा जाता है और उसके बाद कर्मचारियों को डाक के माध्यम से यह डाक मत पत्र पेपर भेजे जाते हैं।

कहां आई समस्या

दुर्गम क्षेत्रों से फार्म-12 डाक के माध्यम से भेजे तो गए थे, लेकिन वह डाक संबंधित निर्वाचन अधिकारी तक देर से पहुंची। निर्वाचन विभाग के मुताबिक यह डाक नौ नवंबर तक हर हाल में पहुंच जानी चाहिए थी। नौ नवंबर को जब सभी डाक मतपत्रों को पैक किया जा रहा था तो उस समय पोलिंग पार्टियों को दी जाने वाली सूची में इन पर बीपी यानी बैलेट पेपर मार्क किया जाना था ताकि वह मतदाता वोट का दो स्थानों पर प्रयोग न कर सके। जिन लोगों के फार्म नंबर 12 समय पर नहीं पहुंचे थे, उनके नाम सूची से नहीं हटाए जा सके और वे मतदान से वंचित रह गए हैं।

बिलासपुर में 4204 कर्मचारी थे तैनात

जिला बिलासपुर के 418 पोलिंग बूथ पर 4204 कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात थे, जिन्होंने डाक मतपत्र से मताधिकार का प्रयोग करना था। इसी तरह 4034 सर्विस वोटर थे, जिसमें सैनिक व अर्धसैनिक बलों के जवान शामिल थे। घुमारवीं उपमंडल से 18 कर्मी वोट नहीं दे पाए हैं। इनमें दो के फार्म अधूरे थे और 16 के फार्म देरी से आए।

निर्धारित समय के बाद भी आए हैं फार्म : उपायुक्‍त

उपायुक्‍त बिलासपुर पंकज राय का कहना है निर्धारित समय सीमा में फार्म नंबर 12 भरकर न भेजने वाले कर्मी अब वोट नहीं दे पाएंगे। फार्म न पहुंचने पर इनका इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से नाम काटा नहीं गया था। जिले में कुल 11,422 पोस्टल बैलेट पेपर जारी किए गए थे, जिनमें से अभी तक 7282 प्राप्त हो चुके हैं। निर्धारित समय के बाद कुछ फार्म आए हैं, जो घुमारवीं से रिपोर्ट हुए हैं।

Previous articleबहराइच हादसा; ईदगाह डिपो की बस को ट्रक ने मारी टक्कर, छह की मौत, 15 यात्री घायल
Next articleवायरल वीडियो; एटीएम को जंजीरों के हुक में फंसाया और उखाड़ कर ले गए नकाबपोश लुटेरे

समाचार पर आपकी राय: