बड़ा हादसा; बंजार में पर्यटकों की गाड़ी के खाई में गिरने से सात की मौत, पांच गंभीर रूप से घायल

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ग्वालियर/कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के बंजार में औट-सैैंज-लूहरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलोड़ी जोत के पास रविवार रात नौ बजे टैंपो ट्रेवलर के 500 फीट गहरी खाई में गिरने से सात पर्यटकों की मौत हो गई। हादसे में 10 लोग घायल हैं।

आइआइटी वाराणसी के विद्यार्थियों सहित 16 पर्यटक दिल्ली के मजनू का टीला से वाहन (यूपी14एचटी-8242) में कुल्लू घूमने आए थे। रविवार को वे जलोड़ी जोत पर घूमने गए थे। रात को बंजार की ओर आ रहे थे कि घ्यागी मोड़ के समीप उतराई में ब्रेक न लगने के कारण गाड़ी गहरी खाई में जा गिरी। नीचे गिरते ही वाहन के परखचे उड़ गए। इससे चार पर्यटकों की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों की चीखें सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें खाई से निकालकर अपने वाहनों में बंजार अस्पताल पहुंचाया। घायलों की गंभीर हालत देखते हुए डाक्टरों ने उन्हें कुल्लू अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल में तीन और पर्यटकों ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही बंजार के विधायक सृरेंद्र शौरी अस्पताल पहुंचे और घायलों को उचित इलाज मुहैया करवाने के आदेश दिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इन्होंने तोड़ा दम

मृतकों में आदित्य, अंशिका, अन्मय, प्रियंका, किरण, राज व सौरभ शामिल है। इनके पते की जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है।

ये हुए घायल

32 वर्षीय जय अग्रवाल पुत्र गणेश अग्रवाल निवासी ग्वालियर मध्य प्रदेश, 23 वर्षीय ईसान निवासी फरीदाबाद हरियाणा, 30 वर्षीय अभिनय सिंह निवासी लखनऊ उत्तर प्रदेश, 28 वर्षीय राहुल गोस्वामी निवासी हिसार हरियाणा, 22 वर्षीय ऋषभ निवासी नई दिल्ली, 42 वर्षीय अजय गाजियाबाद उत्तर प्रदेश, 20 वर्षीय लक्ष्य निवासी जयपुर राजस्थान, 30 वर्षीय निष्ठा निवासी कानपुर उत्तर प्रदेश, 30 वर्षीय सतीजा निवासी हिंसार हरियाणा के रूप में हुई है।

चालक ने रोकी थी गाड़ी

घायलों ने बताया कि गाड़ी की ब्रेक लैदर गर्म होने के कारण ब्रेक नहीं लग पा रही थी। इस पर चालक ने थोड़ी देर गाड़ी खड़ी कर दी थी। अंधेरा और मौसम को देखते हुए यात्रियों ने गाड़ी धीरे-धीरे चलाने को कहा। इसके बाद थोड़ी दूरी पर जाकर गाड़ी खाई में जा गिरी।

मुख्यमंत्री ने दिए मनाली-कीरतपुर मार्ग खुला रखने के आदेश दिए

हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने संज्ञान लेते हुए मनाली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को खुला रखने के आदेश दिए, ताकि घायलों को नेरचौक मेडिकल कालेज लाने में दिक्कत न हो। यह मार्ग दिन में भूस्खलन के कारण छह मील के पास बंद हो गया था। उन्होंने इस हादसे पर गहरा शोक जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

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