अंतरिक्ष में पहली बार दिव्यांग शख्स को भेजने का फैसला कर यूरोप ने रचा इतिहास

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यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) ने एक सड़क हादसे में अपने पैर गंवाने वाले एक व्यक्ति को अंतरिक्ष यात्रियों के अपने नए समूह में शामिल कर इतिहास रच दिया है।

जॉन मैकफॉल (41) ने 19 साल की उम्र में अपना दाहिना पैर खो दिया था। उन्होंने कहा कि उनका चयन ” इतिहास में एक बड़ा पड़ाव साबित होगा।” उन्होंने बुधवार को कहा, ” ईएसए एक शारीरिक रूप से अक्षम अंतरिक्ष यात्री को अंतरिक्ष में भेजने को प्रतिबद्ध है…यह पहली बार है कि किसी अंतरिक्ष एजेंसी ने इस तरह की परियोजना शुरू करने का प्रयास किया और वास्तव में मानवता के नाम एक बड़ा संदेश दिया है।”

मैकफॉल ने कहा, ” मैं खुद को लेकर आश्वस्त हूं। करीब 20 पहले मैं अपना पैर खो बैठा था, मुझे पैरालंपिक में जाने का मौका मिला और उससे भावनात्मक रूप से मैं काफी बेहतर हुआ। जीवन में आई हर चुनौती से मुझे आत्मविश्वास और बल मिला। खुद पर भरोसा करने का जज़्बा मिला कि मैं कुछ भी कर सकता हूं…” उन्होंने कहा, ” मैंने कभी अंतरिक्ष यात्री बनने का सपना नहीं देखा था। जब ईसीए ने घोषणा की कि वह एक पहल के लिए दिव्यांग व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं तभी मेरे मन में इसको लेकर रुचि जागी। ” इस पहल को व्यवहार्य बनाए जाने संबंधी अध्ययन तीन साल तक चलेगा।

एक ‘पैरास्ट्रोनॉट’ (दिव्यांग अंतरिक्ष यात्री) के लिए बुनियादी बाधाओं का पता लगाया जाएगा, जिसमें शारीरिक अक्षमता मिशन प्रशिक्षण को कैसे प्रभावित कर सकती है और यदि ‘स्पेससूट’ और विमान में किसी तरह के खास बदलाव की जरूरत है तो इसका भी पता लगाया जाएगा। ईएसए के मानव एवं रोबोटिक अन्वेषण के निदेशक डेविड पार्कर ने कहा कि अभी ”काफी लंबा सफर तय” करना है। हालांकि इस नई भर्ती को उन्होंने एक महत्वाकांक्षी परियोजना का हिस्सा बताया। पार्कर ने कहा कि शायद पहली बार ‘पैरास्ट्रोनॉट’ शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन ” मैं इस शब्द पर अपने हक का कोई दावा नहीं करता।” उन्होंने कहा, ” हम कह रहे हैं कि जॉन मैकफॉल पहले ‘पैरास्ट्रोनॉट’ हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि मिशन के सफल रहने पर भी मैकफॉल को अंतरिक्ष में जाने में अभी पांच साल तक का समय लग सकता है। पेरिस में एक संवाददाता सम्मेलन में पांच अंतरिक्ष यात्रियों के एक समूह की घोषणा की गई, जिसमें मैकफॉल शामिल हैं। सूची में दो महिलाओं फ्रांस की सोफी एडेनोट और ब्रिटेन की रोज़मेरी कूगन का नाम भी है। वहीं अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन’ (नासा) के प्रवक्ता डैन हूओट ने कहा कि ” ईसीए के पैरा-एस्ट्रोनॉट के चयन को नासा बड़ी

दिलचस्पी से देख रहा है।”

उन्होंने कहा, ” हालांकि नासा की चयन प्रक्रिया अब भी वैसी ही है”, लेकिन एजेंसी ईएसए जैसे भागीदारों से आने वाले ” नए अंतरिक्ष यात्रियों ” के साथ भविष्य में काम करने की उम्मीद कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नासा अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण मानती है और किसी भी तरह की चिकित्सकीय स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है। हालांकि हूओट ने कहा कि भविष्य में ”सहायक तकनीक” के जरिए ”ऐसे उम्मीदवारों” की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित किए जाने से स्थिति बदल सकती है।

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