महिला हिंसा उन्मूलन; हल्द्वानी में पांच साल में महिलाओं में दर्ज करवाए मारपीट के 776 मामले

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हल्द्वानी: International Day for the Elimination of Violence against Women: घरेलू हिंसा से प्रताडि़त महिलाओं की मदद के साथ उचित परामर्श के जरिए परिवारों को टूटने से बचाने में वन स्टाप सेंटर ”सखी” केंद्र अहम भूमिका निभा रहा है।

यहां पिछले पांच वर्ष में समस्या लेकर पहुंचीं 722 महिलाओं के मामले मदद और परामर्श से सुलझा दिए गए हैं। जिनमें से अधिकांश प्रकरण बिखरे परिवार जोडऩे के हैं।

पीडि़त महिलाओं और 18 वर्ष से कम उम्र की किशोरियों को एक ही छत के नीचे एकीकृत रूप से सहायता एवं सहयोग प्रदान करके उन्हें समाज की मुख्य धारा में फिर से लाने की मंशा से हल्द्वानी में वन स्टाप सेंटर ”सखी” केंद्र चलाया जा रहा है। जिसमें घरेलू हिंसा, यौन उत्पीडऩ, तेजाब पीडि़त, मानव तस्करी, बाल विवाह, दहेज उत्पीडऩ समेत अन्य अपराधों से पीडि़तों की मदद की जा रही है।

साथ ही उन्हें चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक सहायता और कानूूनी सहायता उपलब्ध करा कर सशक्त बनाया जा रहा है। केंद्र में अब तक 1178 महिलाओं को मदद मिल चुकी है। जिनमें घरेलू हिंसा वाली 722 महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा बाल विवाह के आठ मामले रुकवा कर स्वजनों की काउंसलिंग की गई है।

24 घंटे सेवा देने के लिए रहना पड़ता है तत्पर

सखी केंद्र में महिला उत्पीडऩ की शिकायतें कई बार रात के समय भी मिलती हैं। ऐसे में कर्मचारियों को 24 घंटे मदद के लिए तैयार रहना पड़ता है। कई बार मामले निपटाने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों की भी दौड़ लगानी पड़ती है। सखी केंद्र में एक प्रभारी, दो केस वर्कर, एक पैरामेडिकल, एक एडमिन, एक काउंसलर अधिवक्ता, दो मल्टीपर्पज कर्मचारी और दो गार्ड तैनात किए गए हैं।

केस 1

गौलापार क्षेत्र की रहने वाली महिला को उसका पति शराब पीकर मारता-पीटता था। उसे इतना प्रताडि़त किया कि महिला मायके चली गई। प्रकरण वन स्टाप सेंटर पर पहुंचा तो उसके पति को बुलाकर समझाया गया। इसके बाद उससे दोबारा पत्नी के मायके वालों की मौजूदगी में मारपीट न करने की बात लिखित में लेकर महिला को ससुराल भेज गया।

केस 2

रुद्रपुर की एक महिला शादी ब्याह में बर्तन धोने के लिए तीन-चार महिलाओं को लेकर हल्द्वानी आई थी, यहां काम करने के बाद ठेकेदार ने उन्हें रुपये नहीं दिए। कई बार संपर्क करने का प्रयास किया पर वह हिंसा पर उतर आता। थक हारकर महिला ने वन स्टाप सेंटर से मदद मांगी। जिस पर केंद्र ने ठेकेदार से संपर्क किया और काउंसलिंग कर रुपये दिलाए।

केस 3

हल्द्वानी निवासी एक परिवार में सास बहू के बीच गृह कलेश से घर टूटने की नौबत पर आ गया था। मामला वन स्टाप सेंटर में पहुंचा तो केंद्र ने पूरे परिवार को बुलाकर काउंसलिंग की। पर सास की जिद से समस्या दूर नहीं हुई। आखिरकार कई चरणों की काउंसलिंग के बाद सबकी सहमति से पूरे परिवार के बीच मनमुटाव दूर किए गए।

कांउसलिंग कर रिश्ते सुलझाने की कोशिश

प्रभारी वन स्टाप सेंटर हल्द्वानी सरोजिनी जोशी ने बताया कि जो भी पीडि़त महिला शिकायत लेकर पहुंच रही है या किसी अन्य माध्यम से उन्हें शिकायत मिल रही है, उसकी चिकित्सा, विधिक, पुलिस परामर्श, अस्थायी आश्रय और विधिक सुविधा के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से मदद की जा रही है। जो मामले सुलझाए गए हैं, उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि दोबारा ऐसा न हो।

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