चुनाव आयोग ने विभागों, निगमों और बोर्डों से पूछा, कितने कर्मचारियों ने किया मतदान

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शिमला। Himachal Pradesh Assembly Election 2022, हिमाचल प्रदेश चुनाव विभाग ने सभी विभागों, निगमों और बोर्डों से लिखित में पूछा है कि कितने सरकारी कर्मचारियों ने मतदान किया है।

हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा के लिए 12 नवंबर को हुए मतदान के लिए सभी सरकारी, अर्ध सरकारी कर्मचारियों व अन्य को अवकाश घोषित किया गया था। इस अवकाश का उपयोग घूमने-फिरने के लिए ही तो नहीं किया। प्रदेश में मतदान के प्रतिशत ने भले ही पुराने रिकार्ड ध्वस्त कर दिए हैं, लेकिन सरकारी कर्मचारियों ने कितनी संख्या में मतदान किया, इसका आंकड़ा जुटाया जा रहा है।

प्रदेश में साढ़े तीन लाख कर्मचारी

प्रदेश में करीब साढ़े तीन लाख कर्मचारी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। पहली बार है जब सरकारी कर्मचारियों के मतदान को लेकर जानकारी मांगी जा रही है। अब उन्हें मतदान का प्रमाणपत्र विभागाध्यक्षों को देना होगा। इससे भविष्य में उनकी मतदान में उपस्थिति बढ़ेगी। चुनाव विभाग द्वारा अभी तक जुटाए गए आंकडों के तहत शहरी क्षेत्रों में मतदान कम होने का कारण सरकारी कालोनियों में मत प्रतिशत कम दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त काफी संख्या में लोगों के दोहरे वोट होने की आशंका जताई जा रही है, जिसमें से लोगों ने शहरी क्षेत्र में मतदान न कर अपने गांव में मतदान किया है।

  • विभागों, निगमों व बोर्डों से जानकारी मांगी है कि सरकारी कर्मचारियों के लिए मतदान के दिन अवकाश घोषित किया गया। ऐसे में कितने कर्मचारियों ने मतदान किया।

-मनीष गर्ग, मुख्य निर्वाचन अधिकारी।

दिव्यांग मतदाताओं में 85.59 प्रतिशत ने केंद्रों में डाला वोट

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में कुल दिव्यांग मतदाताओं में से 85.59 प्रतिशत ने मतदान केंद्रों में जाकर वोट डालकर उत्साह का परिचय दिया। चुनाव आयोग ने ऐसे मतदाताओं के लिए घर-घर मतदान के तहत पोस्टल बैलेट का प्रविधान किया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि प्रदेश में 56343 दिव्यांगजन मतदाताओं में से 49917 मतदाताओं ने स्वंय केंद्र जाकर मतदान किया। 40 प्रतिशत से अधिक शारीरिक दिव्यांगता वाले 6882 दिव्यांग मतदाताओं को डाक मतपत्र जारी किए गए थे, जिनमें से 6426 ने चुनाव विभाग द्वारा तैनात विशेष टीमों के माध्यम से घर से मतदान किया।

सोलन जिला की अर्की विधानसभा क्षेत्र के बांजण गांव के 34 वर्षीय पवन कुमार ऐसे दिव्यांग मतदाता हैं जिन्होंने स्वयं निकटतम मतदान केंद्र पर जा वोट डाला। पवन ने बताया कि इसके लिए वह गर्व महसूस करते हैं। उन्हें अधिकारियों द्वारा व्हील चेयर की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इस सुविधा के बिना ही मतदान करने का निर्णय लिया। वह अपने जैसे अन्य मतदाताओं को प्रेरित कर जहां चाह वहां राह का संदेश देना चाहते हैं।

पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के बाग पशोग पंचायत के सेर-भराल गांव के 50 वर्षीय ओम प्रकाश जो चल नहीं सकते, ने 11 साल की अवधि के बाद डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान किया। उन्होंने इसके लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग का आभार व्यक्त किया।

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