बिजली ऑडिट रिपोर्ट में उद्यमियों का निकाला करोड़ों का बकाया, लोकपाल बोले, ऑडिट रिपोर्ट में गलती

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विद्युत ऑडिट रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल और बाथू बाथड़ी से संबंधित आठ उद्यमियों की बिजली चोरी के आरोप में करोड़ों की राशि बकाया निकली है।

यह सुनकरउद्यमियों के होश उड़ गए। विद्युत बोर्ड से संबंधित उद्यमियों की समस्याओं को लेकर हाल ही में लोकपाल से हुई बैठक में यह जानकारी सामने आई है। उद्यमियों ने लोकपाल के समक्ष अपने पुराने और नए बिल का आंकड़ा भी प्रस्तुत किया। गठजोड़ और रिकॉर्ड खंगालने में ऑडिट रिपोर्ट में हुई गलती बताई गई।

जिस पर उद्यमियों ने राहत की सांस ली। बीते मंगलवार को बाथू बाथड़ी में लोकपाल शिमला केएल गुप्ता विद्युत विभाग से संबंधित उद्योगपतियों की समस्याओं के निवारण के लिए पहुंचे। इसी बीच प्रेजेंटेशन में जिले के करीब आठ उद्यमियों की ओर विद्युत बोर्ड की बिजली चोरी का ब्योरा प्रस्तुत किया गया। बिजली चोरी का आरोप लगाकर आठ उद्यमियों की तरफ करोड़ों रुपये की बकाया राशि बताई गई। उन्हें नोटिस जारी करने की बात भी सामने आई। इससे उद्यमियों में हड़कंप मच गया। किसी उद्यमी पर एक करोड़ तो किसी की 60 लाख रुपये की राशि बकाया बताई गई। इसे जल्द जमा कराने को भी कहा गया।

उद्योगपतियों ने इसे बोर्ड की तथ्यहीन कार्रवाई बताया। हालांकि जांच पड़ताल करने पर लोकपाल के समक्ष इस बात का निष्कर्ष निकाला गया कि बिजली चोरी विषय ऑडिट प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जा सकता। यह मामला डिविजनल कमिश्नर के अधीन है। इसके लिए साइट पर जाकर बिजली चोरी से संबंधित तथ्यों की जांच होती है। जबकि विद्युत बोर्ड की ओर से ऐसा नहीं किया गया। आखिरकार नोटिस और निकाली कई करोड़ों रुपये की राशि के केसों को वापस लेने की भी सहमति बनी है। जिस पर उद्यमियों ने राहत महसूस की।

ऑडिट रिपोर्ट में हुई गलती
प्रेजेंटेशन में ऑडिटर ने कुछ पैरे बनाए हुए थे। जिसमें बिजली चोरी के केस दर्शा दिए। जोकि नियमानुसार ऑडिटर नहीं बना सकते। इसका समाधान मंडल कमिश्नर के पास किया जा सकता है। अधिकारियों को साइट पर जाकर जांच करनी पड़ती है। फिलहाल जिन आठ कंपनियों के केस बने हैं। उन्हें राहत मिलेगी और केस वापस लिए जाएंगे। – केएल गुप्ता, लोकपाल शिमला।

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