हिमाचल में मल्लिकार्जुन खड़गे की इस मांग कारण रुका मंत्रिमंडल का गठन, कहा, कम से कम तीन दलित मंत्री बनाएं

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कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में अब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलकार्जुन खडग़े के फार्मूले की वजह से रोड़ा अटक गया है। शीतकालीन सत्र को छोडक़र दिल्ली गए मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू शुक्रवार को आखिरी दिन भी धर्मशाला नहीं लौटे। दिल्ली में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू केंद्रीय नेताओं से मुलाकात के लिए गाडिय़ों के सरकारी काफिले को छोडक़र निजी वाहन में ही गए।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खडग़े से बैठक की है। खडग़े ने सुखविंदर सुक्खू को कहा है कि दलित मंत्रियों की संख्या बढ़ाई जाए। राष्ट्रीय अध्यक्ष चाहते हैं कि करीब तीन दलित मंत्री हों। सुखविंदर सुक्खू की संभावित लिस्ट में सोलन से चुनाव जीते कर्नल धनीराम शांडिल थे, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष के फार्मूले के बाद अब रेणुका से विनय कुमार, रोहडू से मोहनलाल ब्राक्टा और रामपुर से नंदलाल , जयसिंहपुर से यादविंद्र गोमा के नाम पर भी विचार चल रहा है।

इस फार्मूले के कारण पहले से चल रहे नामों में उथल-पुथल हो जाएगी। इसलिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू शनिवार को फिर से मलिकार्जुन खडग़े से बैठक करेंगे। इसके बाद कांग्रेस हाईकमान के अन्य नेताओं से भी फीडबैक लिया जाएगा। इसके बाद ही शनिवार को सीएम शिमला लौट सकते हैं और उसके बाद ही पता चलेगा कि मंत्रिमंडल विस्तार के लिए शपथ ग्रहण कब होगी। दिल्ली से आ रही सूचनाओं के अनुसार रविवार सुबह नए मंत्रियों की शपथ हो सकती है। दिल्ली में मंत्रिमंडल पर सारी चीजें फाइनल होने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से राजभवन नए मंत्रियों का पत्र जाना है।

उसके बाद ही राजभवन ने मंत्रिमंडल की शपथ को लेकर शेड्यूल जारी करना है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आरलेकर रविवार को 11:00 बजे शिमला से रवाना होना चाह रहे हैं, क्योंकि 2:30 बजे चंडीगढ़ से गोवा के लिए उनकी फ्लाइट है। यदि रविवार को मंत्रिमंडल की शपथ हुई तो राज्यपाल हेलिकॉप्टर के माध्यम से भी चंडीगढ़ आ सकते हैं। इसलिए समय की इतनी दिक्कत नहीं हैए जितना कि कांग्रेस में मंत्रिमंडल तय होने को लेकर है।

इनमें से होंगे मंत्री
सुक्खू की कैबिनेट में जिन लोगों के नाम लिए जा रहे हैं, उनमें हर्षवर्धन चौहान, चंद्र कुमार, सुधीर शर्मा, राजेश धर्माणी, धनी राम शांडिल, विक्रमादित्य सिंह, रोहित ठाकुर, सुंदर ठाकुर और जगत सिंह नेगी जैसे नाम हैं। कांगड़ा में रघुवीर सिंह बाली, आशीष बुटेल और केवल सिंह पठानिया के नाम भी लिए जा रहे हैं। शिमला में अनिरुद्ध सिंह को लेकर क्या फैसला होगा, इस पर भी नजर है। लेकिन अब दलित मंत्रियों की संख्या बढ़ाने के कारण यह सारा गणित बदल भी सकता है।

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