Drone Revolution: राज्य इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ने तय किए ड्रोन से सामान भेजने के दाम, जानें कितना लगेगा किराया

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अब ड्रोन की मदद से घंटों में होने वाला काम मिनटों में हो जाएगा। हिमाचल प्रदेश में 10 किलो तक वजन के सामान को 55 रुपये प्रति किलोमीटर के दाम पर ड्रोन के जरिये एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा सकेगा।

राज्य इलेक्ट्रानिक कॉरपोरेशन ने सूचीबद्ध कंपनियों को सरकारी विभागों से इसी दर से किराया लेने को कहा है। निजी कार्यों के लिए ड्रोन का किराया इसी के आसपास रखना होगा। ड्रोन पॉलिसी बनाने वाले देश के पहले राज्य हिमाचल प्रदेश में जल्द ही सेब की ढुलाई सहित अन्य काम ड्रोन के जरिये हो सकेंगे।

इलेक्ट्रॉनिक कारपोरेशन ने ड्रोन सुविधाएं देने के लिए 6 कंपनियों को सूचीबद्ध किया है। एक किलोमीटर तक 25-30 किलो सामान ले जाने की सामान्य मजदूरी 35 से 40 रुपये है। हालांकि ड्रोन 10 किलो सामान 55 रुपये में पहुंचाएगा। लेकिन ड्रोन के इस्तेमाल से समय की बड़ी बचत होगी और सामान सुरक्षित तरीके से अपनी जगह पहुंचेगा। मंडी से जंजहैली के स्वास्थ्य केंद्रों को ड्रोन के जरिये दवाएं भेजी जा रही हैं और वापसी में ड्रोन टेस्ट सैंपल लेकर आते हैं।

सेब की ढुलाई, बगीचों में स्प्रे का ट्रायल सफल
हाल ही में ड्रोन की मदद से सेब ढुलाई का ट्रायल किन्नौर जिले के निचार में किया जा चुका है। सेब के 20 किलो के बॉक्स को 6 मिनट में पहाड़ी से 4 किलोमीटर नीचे उतारा गया। जुब्बल में सेब के बागीचे पर ड्रोन की मदद से स्प्रे करने में भी कामयाबी मिली है। ड्रोन महज 5 मिनट में 2 बीघे के बगीचे में स्प्रे करने में कामयाब रहा है।

हिमाचल प्रदेश में ड्रोन सेवा उपलब्ध करवाने वाली 6 कंपनियां सूचीबद्ध की गई हैं। ओपन टेंडर के माध्यम से कंपनियों के लिए किए गए रेट कांट्रेक्ट में 10 किलो वजन के लिए प्रति किलोमीटर 55 रुपये दाम तय किए गए हैं। विभिन्न सरकारी विभाग ड्रोन का इस्तेमाल करने के लिए कॉरपोरेशन या कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं। – मुकेश रेपसवाल, प्रबंध निदेशक, राज्य इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन

ये हैं सूचीबद्ध कंपनियां
एस्टेरिया एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड, चामुंडा कॉरपोरेशन, पारस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड, राज कम्यूनिकेशन, स्काई एयर मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड और टेक इगल इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड।

क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है ड्रोन
हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में ड्रोन का इस्तेमाल क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। कृषि, बागवानी एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में जहां सड़कें बंद होने के कारण परिवहन व्यवस्था ठप हो जाती है, वहां ड्रोन की मदद से कम समय में सामान को लाना ले जाना संभव हो सकता है। हिमाचल में ड्रोन के इस्तेमाल की संभावनाओं और चुनौतियों को लेकर अमर उजाला एक सीरीज शुरू कर रहा है, जिसके माध्यम से हम इस क्षेत्र के सभी पहलुओं को छूने का प्रयास करेंगे।

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