कोरोना की उत्पत्ति का राज जानना है तो विश्व स्वास्थ्य संगठन को अपने यहां जांच करने दे अमेरिका- चीन

चीन ने कोरोना वायरस की उत्पत्ति (Orign Of Corona) को लेकर एक बार फिर अमेरिका को निशाने पर लिया है. चीन ने कहा है कि वायरस की उत्पत्ति जाननी है कि WHO के एक्सपर्ट्स को अमेरिका अपने यहां बुलवाकर जांच करवाए. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वैंग वेनबिन का कहना है कि दुनियाभर में अमेरिका के 200 से ज्यादा बायो लैब फैले हुए हैं. विशेष तौर पर फोर्ट डेट्रिक लैब की जांच होनी चाहिए. दरअसल अमेरिका के बड़े एक्सपर्ट एंथनी फॉसी ने चीन से उन 9 लोगों का रिकॉर्ड देने को कहा है कि जिनकी बीमारी की जांच कर कोरोना वायरस की उत्पत्ति का पता लगाया जा सकता है. चीन ने इस बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है.

हाल में अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रिपोर्ट की थी कि चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के तीन रिसर्चर्स नवंबर 2019 में बीमार पड़े थे. उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा था. अमेरिका की इस खुफ़िया रिपोर्ट में वुहान लैब के बीमार रिसर्चर्स की संख्या, समय और अस्पताल जाने से जुड़ी विस्तृत जानकारियां दी गई हैं.

वुहान इंस्टिट्यूट की जांच किए जाने की जरूरत

‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ने कहा था कि वुहान लैब के रिसर्चर्स के बारे में जानकारी से परिचित कुछ वर्तमान और पूर्व अधिकारियों ने रिपोर्ट की विश्वसनीयता के बारे में कई विचार व्यक्त किए. एक अधिकारी ने कहा कि इसे आगे की जांच और अतिरिक्त पुष्टि की जरूरत है.‘लैब लीक की थ्योरी को खारिज नहीं किया जा सकता’

कुछ ही दिनों पहले दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों के एक समूह ने भी कहा है कि वायरस के चीन के लैब से लीक होने की थ्योरी को खारिज नहीं किया जा सकता, जब तक डाटा आधारित गहन जांच के आधार पर इसे खारिज नहीं किया जाता है. वैज्ञानिकों ने कहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण की उत्पत्ति और फैलने के बारे में वुहान में की गई जांच में सभी पहलुओं का ध्यान नहीं रखा गया है, साथ ही लैब से वायरस के लीक होने की थ्योरी को जांच के लायक भी नहीं समझा गया.


error: Content is protected !!