राजीव गांधी के हत्यारों को छोड़ने पर केंद्र सरकार को ऐतराज, सुप्रीम कोर्ट में दायर की पुनर्विचार याचिका

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Rajiv Gandhi Assassination Caseराजीव गांधी हत्याकांड (Rajiv Gandhi Assassination) के सभी दोषियों को रिहा करने के 11 नवंबर के आदेश के खिलाफ केंद्र सरकार (Central Government) ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है।

सुप्रीम कोर्ट (SC) ने राजीव गांधी की हत्या के सभी दोषियों को 11 नवंबर में रिहा करने का आदेश दिया था। इस मामले में एस नलिनी (Nalini Sriharan), जयकुमार (Jaykumar), आरपी रविचंद्रन (RP Ravichandran), रॉबर्ट पियास (Robert Pias), सुथेंद्रराजा (Suthendraraja) और श्रीहरन (Sriharan) जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। अदालत ने तब एजी पेरारिवलन (AG Perarivalan) को रिहा करने के अपने 18 मई 2022 के फैसले को बाकी आजीवन दोषियों पर लागू किया था। कोर्ट ने ये देखते हुए ये फैसला किया था कि पेरारिवलन के लिए तय किए गए मानदंड बाकी दोषियों के मामले में भी लागू होते हैं।

अदालत ने कहा कि तमिलनाडु कैबिनेट ने 9 सितंबर, 2018 को उनकी रिहाई की सिफारिश की थी और यह राय राज्यपाल के लिए बाध्यकारी होगी, जिनके सामने दोषियों ने माफी याचिका दायर की थी।

कोर्ट ने देखा कि जेल में उनका आचरण अच्छा पाया गया और उन सभी ने जेल में रहने के दौरान अलग-अलग डिग्री भी हासिल की थी। दरअसल नलिनी श्रीहरन और आरपी रविचंद्रन ने समय से पहले रिहाई की मांग को लेकर शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने कहा कि मामले के दोषियों में से एक आरोपी एजी पेरारिवलन के मामले में शीर्ष अदालत का पहले दिया गया फैसला इन दोनों के मामले में भी लागू होता है।

Rajiv Gandhi Assassination Case: ‘मैं आतंकवादी नहीं हूं’ सजा माफ होने के बाद नलिनी श्रीहरन (Nalini Sriharan) ने कहा था कि मुझे पता है कि मैं आतंकवादी नहीं हूं। News18 से खास बातचीत में नलिनी ने कहा, “मैं इतने सालों तक जेल में तड़प रही थी। पिछले 32 घंटे मेरे लिए संघर्ष भरे रहे। मैं उन सभी का शुक्रिया अदा करती हूं, जिन्होंने मेरा समर्थन किया। मैं तमिलनाडु के लोगों और सभी वकीलों को मेरे ऊपर विश्वास रखने के लिए धन्यवाद देती हूं।” 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में एक चुनावी सभा में LTTE के आत्मघाती हमलावर ने पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी थी। इसके लिए धानु नाम की एक महिला आत्मघाती हमलावर का इस्तेमाल किया गया था।

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