अफगानियों की मदद करो, बार बार इस अपील को सुन कर बराक ओबामा ने बंद किए कंमेंट

अफगानिस्तान पर तालिबान ने फिर से कब्जा कर लिया है। सोशल मीडिया पर इसके लिए बहुत हद तक अमेरिका का जिम्मेदार बताया जा रहा है। असल में अमेरिकी सेना की अफगानिस्‍तान से 20 साल बाद जैसे ही वापसी हुई, वहां तालिबान ने कब्जा कर लिया है। रविवार (15 अगस्त) को काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद कई लोगों की राय है कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना को निकालने में राष्ट्रपति जो बाइडन बहुत जल्दबाजी दिखाई है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने तो .यह भी लिखा है कि बाइडेन के इस फैसले पर अमेरिकी मतदाताओं को कुछ वक्त बाद पछतावा होगा। अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात के बीच अब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबाम चर्चा में आ गए हैं।

तालिबान और अफगानिस्तान पर चुप्पी को लेकर बराक ओबाम की आलोचन की जा रही है। बात इतनी आगे बढ़ गई कि बराक ओबामा ने अपना इंस्टाग्राम कमेंट सेक्शन तक बंद कर दिया।

‘अफगानियों की मदद करो…’, ये सुन ओबामा ने बंद किया इंस्टाग्राम कमेंट सेक्शन

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सोमवार को अपने इंस्टाग्राम पेज पर कमेंट सेक्शन को कुछ समय के लिए सस्पेंड कर दिया था। बराक ओबाम ने यह कदम उस वक्त उठाया जब उसके फॉलोअर्स ने लाखों की संख्या में ये कमेंट किया है, ‘प्लीज अफगानियों की मदद कीजिए। उन्हें इस वक्त मदद की जरूरत है।’

बराक ओबामा के साथ-साथ उनकी पत्नी मिशेल ओबाम को भी सैकड़ों लोगों ने तालिबान से अफगानियों को बचाने की गुहार लगाई। जिसके बाद सोमवार की सुबह लगभग 2 घंटे के लिए बराक ओबामा और मिशेल ओबाम का इंस्टाग्राम कमेंट सेक्शन बंद रहा था। हालांकि उसी दिन शाम को कमेंट सेक्शन को फिर से ओपन कर दिया गया था।

‘आप चुप रहेंगे तो अफगानियों का खून आपके हाथों में भी लगेगा’

बराक ओबामा का इंस्टाग्राम पर सबसे हालिया पोस्ट एक वीडियो क्लिप है, जो विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की सीमाओं से संबंधित है। इसी पोस्ट पर लोगों ने ओबामा से अपील करते हुए कहा, ”अफगानिस्तान को आपकी मदद की जरूरत है। कृपया अफगानिस्तान की मदद करें।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, ”अफगानियों का खून उन लोगों के हाथों में भी लगेगा, जो जुल्म के सामने चुप रहे और तालिबान से दोस्ती कर ली।” एक अन्य ने लिखा, ”इतिहास आपके अपराध को नहीं भूलेगा।” इन कमेंट को करने वाले लोगों ने हैशटैग #help_afghanistan और #afghanistanisbleeding का इस्तेमाल किया।

अफगानिस्तान के बिगड़ते हालातों पर चुप हैं बराक ओबामा

बता दें कि अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात को लेकर ओबामा ने अभी तक कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है। तालिबान की हरकतों और अफगानिस्तान के बचाव में बराक ओबाम ने फिलहाल कोई भी टिप्पणी नहीं की है।

ओबामा के एक प्रवक्ता ने फॉक्स न्यूज को बताया कि ‘हमारी तरफ से ऐसा करने का कोई इरादा नहीं था’ हालांकि प्रवक्ता ने कोई स्पष्टीकरण नहीं दी कि ओबामा के पेज पर कमेंट सेक्शन को क्यों बंद किया गया था।

ओबामा ने बाइडेन के फैसले की थी प्रशंसा

प्रवक्ता ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने अफगानिस्तान पर ‘कोई और टिप्पणी नहीं’ की है। बता दें कि ओबामा ने अप्रैल में अपने बयान में अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों को वापस लेने के अपने फैसले में जो बाइडेन के ‘साहसी नेतृत्व’ की प्रशंसा की थी।

ओबामा ने कहा था, “अफगानिस्तान में यह एक लंबा और कठिन संघर्ष रहा है, जो हमारे इतिहास में अमेरिकी मातृभूमि पर सबसे घातक आतंकवादी हमले के प्रति हमारा जवाब था। 9/11 अल कायदा की सुरक्षित पनाहगाह को नष्ट करना, अफगान सुरक्षा बलों को प्रशिक्षित करना और अफगानिस्तान के लोगों का समर्थन करना हमारा लक्ष्य था। लेकिन अब अफगानी अपनी सुरक्षा खुद कर सकते हैं।”

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