देश के 25 सबसे बड़े विलफुल डिफॉल्टरों पर बैंकों का ₹59,000 करोड़ बकाया: भागवत कराड

0
93

भारत के 25 सबसे बड़े विलफुल डिफॉल्टरों (Wilful Defaulters) पर विभिन्न बैंकों का करीब 58,958 करोड़ रुपये बकाया है। यह आंकड़ा 31 मार्च 2022 तक का है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने मंगलवार 2 अगस्त को संसद में यह जानकारी दी। विलफुल डिफॉल्टर, ऐसे लोगों या कंपनियों को कहते हैं, जिनके पास कर्ज चुकाने की क्षमता है लेकिन फिर भी उन्होंने कर्ज चुकाने से बचने के लिए खुद को दिवालिया घोषित कर रखा है।

सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक देश की सबसे बड़ी विलफुल डिफॉल्टर, भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) की कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड (Gitanjali Gems Ltd) है। गीतांजलि जेम्स लिमिटेड पर विभिन्न बैंकों का करीब 7,110 करोड़ रुपये का कर्ज है।

गीतांजलि जेम्स के बाद इस लिस्ट में दूसरा नाम एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड (Era Infra Engineering) का है, जिसके ऊपर विभिन्न वित्तीय संस्थानों का करीब 5,879 करोड़ रुपये बाकी है। वहीं कॉनकास्ट स्टील एंड पावर लिमिटेड (Concast Steel and Power Ltd) कुल 4,107 करोड़ रुपये के बकाया के साथ इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर है।

विलफुल डिफॉल्टरों की लिस्ट में चौथे और पांचवें स्थान पर क्रमश: आरईआई एग्रो लिमिटेड और एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड का नाम है, जिनपर क्रमश: 3, 984 करोड़ रुपये और 3,708 करोड़ रुपये बकाया हैं।

वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2022 के अंत में विलफुल डिफॉल्टरों की संख्या 2,790 थी, जो पिछले वित्त वर्ष के 2,840 के मुकाबले कम है।

बैंकों ने पिछले 5 वित्त वर्ष में 9.91 लाख करोड़ का लोन बट्टे खाते में डाला

विलफुल डिफॉल्टर्स की लिस्ट को शेयर करने के अलावा भगवत कराड ने यह भी बताया कि शेड्यूल कमर्शियल बैंकों (SCBs) ने पिछले 5 वित्त वर्षों के दौरान 9.91 लाख करोड़ रुपये से अधिक के लोन को बट्टे खाते में डाला है।

सबसे अधिक लोन को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने बट्टे खाते में डाला है, जो देश की सबसे बड़ी बैंक है। SBI ने वित्त वर्ष 2022 के दौरान 19,666 करोड़ रुपये का लोन बट्टे खाते में डाला, जो वित्त वर्ष 2021 के 34,402 करोड़ रुपये के मुकाबले कम है।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI) ने वित्त वर्ष 2022 में 19,484 करोड़ रुपये का कर्ज बट्टे खाते में डाला, जो पिछले वित्त वर्ष के 16,983 करोड़ रुपये के मुकाबले अधिक था। वहीं, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने वित्त वर्ष 2022 में 18,312 करोड़ रुपये का लोन बट्टे खाते में डाला, जो वित्त वर्ष 2021 के 15,877 करोड़ रुपये के मुकाबले अधिक है।

केंद्र ने कहा कि कुल मिलाकर, बैंकों ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान कुल 1.57 लाख करोड़ रुपये के कर्ज को बट्टे खाते में डाला, जो पांच वित्त वर्षों में सबसे कम है। वसूली के मोर्चे पर, वित्त वर्ष 2022 के दौरान SBI की कुल वसूली 7,781.7 करोड़ रुपये थी। वहीं HDFC बैंक की कुल वसूली 2,765.1 करोड़ रुपये रही।

समाचार पर आपकी राय: