चीन और पाकिस्तान समेत 10 धार्मिक आजादी को कुचलने वाले देशों को अमेरिका की धमकी, कहा मुकाबले के लिए रहे तैयार

चीन इन दिनों अपने अलग ही मोड में है, लगातार चीन अपने आपक को मजबूत करने में लगा हुआ है। और इसके साथ ही अपने पड़ोसी देशों के नाक में दम कर रखा है। लेकिन अमेरिका चीन की हर हरकतों पर नजर बनाए हुए है।

चीन तो क्या पाकिस्तान भी चीन की राह चल रहा है क्योंकि, इन दिनों दोनों देशों में अल्पसंख्यकों का क्या हाल है वो किसी से छुपा नहीं है। इसके अलावा धार्मित स्वतंत्रता के नाम पर दोनों देश जो कर रहे हैं इसे लेकर अमेरिका ने चेतावनी दी है।

धार्मिक स्वतंत्रता को कुचलने वाले चीन और पाकिस्तान को अमेरिका ने साफ लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि, वो धार्मिक आजादी को कुचलने वाले चीन और पाकिस्तान समेत ऐसे 10 देशों से मुकाबले के लिए तैयार है। यूनाइटेड स्टेट ने चीन-पाकिस्तान समेत 10 देशों को उस श्रेणी में रखा है जो धार्मिक आजादी को कुचलने का काम करते हैं। यूएस ने इन देशों के इस कृत्य को लेकर चिंता भी जताई है।

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि, बाइडेन प्रेशासन किसी भी धर्म की आजादी की रक्षा को लेकर सहयोग करने के लिए पूरी तरह से समर्पित है। फिर चाहे इस मानव अधिकार का उल्लंघन करने वालों से मुकाबले ही क्यों ना करना पड़ा। US के विदेश मंत्री ने कहा कि, मैं बर्मा, चीन, इरान, डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया, इरित्रिया, रूस, सऊदी अरब, तजाकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान को लेकर चिंतत हूं क्योंकि ये देश धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन में शामिल हैं।

उन्होंने आगे कहा कि, वो अल्जीरिया, कोमोरोज, क्यूबा और निकारागुआ को खास निगरानी वाली सूची में रखकर यह लिस्ट सरकार को सौंप रहा हूं क्योंकि यह देश इस तरह की आजादी के उल्लंघन में काफी आगे हैं। ब्लिंकन ने कहा कि दुनिया में आज धार्मिक स्वतंत्रता के लिए बुनियादी और प्रणालीगत चुनौतियां बढ़ गई हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, हम सभी सरकारों पर लगातार दबाव बनाते रहेंगे कि वो अपने कानूनों में इस स्वतंत्रता को बचाए रखने के लिए जरूरी बदलाव लाएं और इसका उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें।

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