कम्प्यूटिंग क्षेत्र में पिछड़े अमेरिका ने झोंकी दुगनी ताकत, चीन को चुनौती देने की तैयारी

America News: अमेरिका में एक रक्षा विशेषज्ञ ने चेतावनी दी है कि उन्नत कंप्यूटिंग के क्षेत्र में अमेरिका चीन से काफी पिछड़ गया है। डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट कंपनी नॉर्थरॉप ग्रुमैन की प्रमुख कैथी वॉर्डेन ने कहा कि इस स्थिति के कारण आगे चल कर अमेरिका के लिए समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। मगर वॉर्डेन ने इस पर संतोष जताया कि जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका सरकार ने इस क्षेत्र में खर्च बढ़ाने का इरादा जताया है। हांगकांग के अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक नॉर्थरॉप ग्रुमैन ग्रुप अमेरिका में डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने वाली सबसे बड़ी कंपनियों में एक है। इसलिए उसके प्रमुख की टिप्पणियों को रक्षा क्षेत्र में गंभीरता से लिया गया है।

अमेरिका के प्रमुख थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस की तरफ आयोजित एक वर्चुअल चर्चा में वॉर्डेन ने कहा कि कुछ दूसरी तकनीक के मामलों में अमेरिका की बढ़त कायम है। उन क्षेत्रों में भी चीन ने तेजी से अपनी क्षमता बढ़ाई है, लेकिन उसमें वह अमेरिका के बराबर नहीं पहुंचा है। लेकिन उन्होंने कहा- ‘एक क्षेत्र जिस पर खास ध्यान जा रहा है, वह कंप्यूटिंग में चीन की बढ़ रही क्षमता है।’ वॉर्डेन ने कहा कि कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ने के कारण चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और उन्नत कंप्यूटिंग के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर सकता है।

वॉर्डेन ने ध्यान दिलाया कि बाइडन प्रशासन ने कंप्यूटिंग के क्षेत्र में बजट बढ़ाने के संकेत दिए हैं। अभी तकनीक के क्षेत्र में चीन का मुकाबला करने के लिहाज अमेरिका अच्छी स्थिति में है। इस लिहाज से उन्होंने चीनी हाई टेक कंपनियों पर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मौजूदा प्रशासन के दौर में लगाए गए प्रतिबंधों को सही कदम बताया। गौरतलब है कि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने अपने 2022 के बजट में उन्नत कंप्यूटिंग सहित ऐसे कई क्षेत्रों में बजट बढ़ाने का फैसला किया है। इस बजट में 2.3 अरब डॉलर माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स, लगभग 40 करोड़ डॉलर 5जी नेटवर्क, और साढ़े 87 करोड़ डॉलर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए रखे गए हैं।

उधर, चीन ने भी इसके जवाब में अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। अमेरिका में चीनी कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में उसने अपने सप्लाई चेन से अमेरिकी कंपनियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हाल में चीन में अगली पंचवर्षीय योजना को मंजूरी दी गई। उसमें अनुसंधन और विकास पर खर्च में सात फीसदी की बढ़ोतरी का फैसला किया गया। चीन ने सेमीकंडक्टर्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास को खास प्राथमिकता दी है। इन तीन तकनीकों को सैनिक और कारोबारी दोनों मकसदों से तैयार किया जा रहा है। चीन ने 2035 तक देश को दुनिया के सबसे उन्नत देशों में शामिल करने का लक्ष्य भी घोषित किया है।

गौरतलब है कि हाल में राष्ट्रपति बाइडन ने अमेरिका में चिप, बैटरी, रेयर अर्थ और मेडिकल सामग्रियों के सप्लाई चेन की समीक्षा का आदेश दिया। अनुसंधान और विकास में निवेश में बड़ी बढ़ोतरी के लिए एक बिल कांग्रेस (संसद) में पेश किया गया है, जिसे दोनों प्रमुख पार्टियों का पूरा समर्थन मिला है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ समय तक पिछड़ने के बाद अमेरिका के कान खड़े हुए। अब उसने भरपाई के लिए दोगुनी ताकत झोंक दी है।

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