आफताब ने कोर्ट में कहा, उसने जो भी किया गुस्से में किया, घटना याद करने में आ रही परेशानी, अदालत ने बढ़ाया रिमांड

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दिल्ली के छतरपुर इलाके में हुए श्रद्धा वालकर मर्डर केस में आरोपित आफताब ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान साकेत कोर्ट में जज के सामने कहा कि उसने जो भी किया वह गुस्से में किया। आफताब ने जज को बताया है कि उसने जो भी किया वो क्षणभर की गर्मी था, यानी उसने सबकुछ बिना सोचे समझे गुस्से में किया।

अपने बयानों से अब तक दिल्ली पुलिस को चकमा दे रहे आफतााब ने कोर्ट में जो कबूलनामा दिया है, अब उसको लेकर भी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। आफताब ने जज को यह तो बताया कि उसने सबकुछ गुस्से में किया, लेकिन ये नहीं बताया कि उसने श्रद्धा के साथ आखिर क्या किया है दिल्ली की साकेत कोर्ट में मंगलवार को आरोपित आफताब की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। इस दौरान आफताब की पुलिस हिरासत 4 दिन और बढ़ा दी गई है। दिल्ली की साकेत कोर्ट को आफताब ने यह भी बताया कि वह जांच में सहयोग कर रहा है और उसे घटना को याद करने में कठिनाई हो रही है।

सूत्रों की मानें को आफताब पूनावाला ने कहा कि उसने गुस्से में सबकुछ किया। उसे उकसाया गया था। हालांकि, आफताब ने यह नहीं कबूल किया कि उसने श्रद्धा का मर्डर किया। उसने कहा है कि जो कुछ हुआ वह गुस्से में हुआ।

आफताब के वकील ए कुमार के मुताबिक अदालत ने इस बयान को अपने रिकॉर्ड पर नहीं लिया। आफताब की रिमांड चार दिन बढ़ने के बाद अब दिल्ली पुलिस उसका पॉलीग्राफ टेस्ट कराएगी। इसके बाद नार्को टेस्ट होना है। सोमवार को नार्को टेस्ट नहीं हो सका था।

इससे पहले कोर्ट ने गुरुवार को 22 नवंबर तक दिल्ली पुलिस को आफताब का नार्को टेस्ट कराने का आदेश दिया था। आफताब ने दिल्ली पुलिस को अब तक हत्या में इस्तेमाल हथियार, श्रद्धा की खोपड़ी, कपड़े और फोन की जानकारी नहीं दी है। अभी तक पुलिस को महरौली जंगल से केवल कुछ हड्डियां ही बरामद हुई है, जिसे डीएनए जांच के लिए भेजा गया है। गौरतलब है कि 15 नवंबर को दिल्ली पुलिस ने श्रद्धा हत्याकांड का खुलासा किया था।

इस मामले में उसके लिव इन पार्टनर आफताब को पुलिस ने हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों की कहना है कि आफताब ने पुलिस को बताया कि उसने 18 मई को श्रद्धा की हत्या की थी। इसके बाद शव के 35 टुकड़े किए और दिल्ली के अलग अलग ठिकानों पर फेंक दिया। हालांकि, आफताब के खिलाफ पुलिस के पास ऐसा कोई सबूत नहीं है, जो उसे अदालत में गुनहगार साबित कर सके।

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