12.1 C
Delhi
Wednesday, February 8, 2023
HomeCurrent Newsआदिशंकराचार्य का मठ: जानिए जोशीमठ का इतिहास, क्यों है इतना खास है

आदिशंकराचार्य का मठ: जानिए जोशीमठ का इतिहास, क्यों है इतना खास है

आध्यात्म हो या फिर भौगोलिक, उत्तराखंड का जोशीमठ कई मायनों में यहां के लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्थान रखता है. यहां तेजी से हालात बिगड़ रहे हैं. जोशीमठ में जमीन धंसती जा रही है. 561 घरों में दरारों की पुष्टि हो चुकी है. मामला सिर्फ दरारों तक ही सीमित नहीं है. यहां पानी का रिसाव हो रहा है. लोग घरों को छोड़कर जा रहे हैं. डर है कि यह हिस्सा कभी भी ढह सकता है. सबसे ज्यादा असर जोशी मठ के रविग्राम, गांधीपनगर और सुनील वार्डों में नजर आ रहा है. यह करीब 4,677 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है.

यहां के हालातों को लेकर स्थानीय लोगों में गुस्सा है. उन्होंने बद्रीनाथ हाइवे पर चक्काजाम किया. सीधेतौर पर इसकी वजह को देखें तो पता चलता है कि यह एक मैन-मेड डिजास्टर है. हिन्दू संस्कृति के लिए जोशी मठ क्यों महत्वपूर्ण है, चलिए अब इसे समझते हैं

धर्म-आध्यात्म: आदिशंकराचार्य ने की थी मठ की स्थापना

धार्मिक किताबों में जोशीमठ को ‘ज्योतिर्मठ’ के नाम से भी जाना जाता है. हिमालय के निचले और मैदानी इलाके हमेशा से ही आध्यात्म के गढ़ के तौर पर जाने जाते रहे हैं. आदिशंकराचार्य ने देश में जिन चार मठों की स्थापना की, जोशी मठ उसमें से एक है. आध्यात्म के साथ जोशीमठ का धार्मिक महत्व भी है. यहां पर भगवान विष्णु का मंदिर है. स्थानीय लोगों का कहना है, जब सर्दियों में बद्रीनाथ में कपाट बंद हो जाते हैं तो उस दौरान भगवान बद्री की प्रतिष्ठा पूजा इसी मंदिर में की जाती है. इसके अलावा नरसिंह, नवदुर्गा और वासुदेव मंदिर भी है.

चमोली जिले के तहत आने वाला जोशीमठ 7वीं से 11वीं सदी तक कत्यूरी वंश के अधीन रहा है. उस वंश के लोगों ने इसे अपनी राजधानी बनाया था. स्थानीय लोगों के बीच मान्यता है कि जोशीमठ के नरसिंह मंदिर में भगवान नरसिंह की मूर्ति का बायां हाथ धीरे-धीरे क्षीण होकर गिर जाएगा. तब नर और नारायण नाम के दो पर्वत मिल जाएंगे. ऐसा होने पर बद्रीनाथ का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो जाएगा.

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कीं तस्वीरें

इतिहास: यहां से हुई चिपको आंदोलन की शुरुआत

जोशीमठ का सम्बंध एक ऐसी घटना से भी है जो इतिहास की चर्चित घटना के रूप में दर्ज हुई. जोशी मठ से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रैणी गांव. मार्च, 1974 में यहीं से चिपको आंदोलन की शुरुआत हुई, जब इसी गांव की रहने वाली गौरा देवी कुछ महिलाओं को लेकर जंगल में पहुंचीं और पेड़ों से चिपक गईं. उन्होंने पेड़ों को काटने वाले लोगों को चेतावनी दी कि अगर इन पेड़ों को काटना ही है तो पहले हम पर गोली चलाओ. इस तरह यहां से चिपको आंदोलन की शुरुआत हुई और सरकार को कदम पीछे खींचने पड़े.

भूगोल: बद्रीनाथ-हेमकुंड साहिब दर्शन के लिए यहां से गुजरना पड़ता है

सिर्फ ऐतिहासिक और आध्यात्म के तौर पर ही नहीं, भौगोलिक तौर पर भी जोशी मठ का विशेष महत्व है. बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब के दर्शन करने जा रहे हैं तो आपको 6150 फ़ुट की ऊंचाई पर बने जोशीमठ से होकर गुजरना पड़ेगा. आसपास बर्फीले पहाड़ों के दर्शन होते हैं. यहां बेशुमार खूबसूरती नजर आती है. लेकिन वर्तमान में इस इलाके में प्रदर्शनकारियों की आवाजें गूंज रही हैं.

ऐसा बिल्कुल नहीं है यहां आपदा अचानक से आई है. 1976 जोशीमठ पर बढ़ते खतरे पर मिश्रा कमीशन की रिपोर्ट आई थी. रिपोर्ट में उस शिकायत का जिक्र था जो बढ़ती जनसंख्या के कारण भवन निर्माण से भूस्खलन और सड़क में दरार की शिकायत लोगों ने की थी. रिपोर्ट के मुताबिक, जोशीमठ भूस्खलन क्षेत्र में है और ये शहर पहाड़ से टूटे टुकड़ों और मिट्टी के ढेर पर बसा हुआ है. यही वजह है इसकी नींव कमजोर है.

यहां का अध्ययन करने वाले देहरादून के वाडिया इंस्टिट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के वैज्ञानिकों का कहना है, जोशीमठ का रविग्राम हर साल 85 मिलीमीटर की गति से धंसता जा रहा है.

समाचार पर आपकी राय:

Related News

Most Popular

16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe

Special Stories

Sidharth Kiara Marriage: सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी की शादी की...

0
Sidharth Kiara Marriage First Pic: सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी की जोड़ी पहली बार साल 2021 में आई फिल्म शेरशाह में दिखी थी. इन दोनों...

Google Chrome का उपयोग करते समय अपनी प्राइवेसी के लिए ये...

0
Google Chrome Security Tips: गूगल क्रोम दुनिया के सबसे ज्यादा इस्तेमाल किये जाने वाले ब्राउजर में से एक है। गूगल क्रोम वेब पेज की...

अब विदेश में भी कर सकेंगे PhonePe से ट्रांजैक्शन, कंपनी ने...

0
PhonePe News: भारत के सबसे बड़े डिजिटल पैमेंट प्लेटफॉर्म PhonePe ने अपने यूजर्स के लिए एक नया फीचर लॉन्च किया है. फोनपे में जुड़े...