International News: भारत में क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सेन एगुइलेरा ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की तीव्र निंदा की है। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आधी रात को किए गए हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। राजदूत ने स्पष्ट कहा कि अमेरिका की ऐसी एकतरफा मनमानी को रोकने के लिए अब भारत जैसे शक्तिशाली देशों को नेतृत्व करना होगा। उन्होंने दुनिया भर के देशों से इस ‘आतंकी कृत्य’ के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है।
वेनेजुएला हमले को बताया एक ‘आतंकी कृत्य’
पीटीआई को दिए इंटरव्यू में राजदूत एगुइलेरा ने अमेरिकी सैन्य आक्रमण को वेनेजुएला के खिलाफ गंभीर अपराध करार दिया। उन्होंने कहा कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है। उनके अनुसार, किसी संप्रभु देश पर इस तरह आधी रात को हमला करना दुनिया के लिए एक खतरनाक संकेत है। राजदूत ने अमेरिका के बढ़ते टैरिफ और ईरान को दी जा रही धमकियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब दुनिया को अमेरिका के इस व्यवहार के खिलाफ एक साथ खड़ा होना चाहिए।
ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में भारत की जरूरत
क्यूबा के राजदूत ने वैश्विक भू-राजनीति में भारत की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया को वर्तमान हालातों में संतुलन बनाने के लिए भारत की आवश्यकता है। एगुइलेरा के अनुसार, ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में भारत भविष्य में और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत एक बड़ी शक्ति बनकर सभी देशों के लिए एक स्थिर और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सकता है।
एकता ही एकमात्र विकल्प
राजदूत ने चेतावनी दी कि कोई भी देश अकेला अमेरिका को ऐसे कदम उठाने से नहीं रोक पाएगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि यह एकजुटता दिखाने का समय है। उनके अनुसार, अमेरिका की एकतरफा कार्रवाई केवल एक देश नहीं, बल्कि पूरी वैश्विक शांति के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देशों का आगे आना इसलिए जरूरी है ताकि अंतरराष्ट्रीय कानूनों की गरिमा को बहाल किया जा सके।
