Business News: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सीधे हमले का असर गुरुवार को वैश्विक तेल बाजार पर देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 4.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 111.78 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 99.57 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
साउथ पार्स और कतर के गैस हब पर हमले से बढ़ा तनाव
तेल कीकीमतों में आए इस उछाल की वजह दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड ईरान के साउथ पार्स पर इजरायली हमला है। इसके जवाब में ईरान ने कतर के प्रमुख वैश्विक गैस हब रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल हमला कर दिया। कतर एनर्जी के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि हमले से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और आग लग गई थी, हालांकि सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं।
ऊर्जा सुरक्षा को खतरा, ट्रंप की चेतावनी
कतर केविदेश मंत्रालय ने इन हमलों को वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में ईरानी ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर और हमले करने का विरोध किया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि इजरायल ने साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमला किया है, जिससे प्लांट का अपेक्षाकृत छोटा हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है।
भारत पर सीधा असर होने की संभावना
कच्चेतेल की कीमतों में इस तेजी का सीधा असर भारत पर पड़ने की संभावना है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। इससे देश में महंगाई और बढ़ने के आसार बन सकते हैं। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है, जिससे आने वाले दिनों में बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।


