कुल्लू से श्रीखंड यात्रा पर जाने की जगह अब आप इस रास्ते से भी पहुंच सकते है श्रीखंड महादेव, प्रशासन ने बनाया रोडमैप

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रामपुर बुशहर। Shrikhand Yatra, विकास खंड रामपुर के ज्यूरी फांचा होकर अगले वर्ष श्रीखंड यात्रा शुरू करने का रोडमैप जिला प्रशासन ने तैयार कर लिया है।अटल इंस्टीट्यूट आफ मनाली से प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे स्थानीय युवकों व उनके साथ गई स्थानीय प्रशासन की टीम ने ज्यूरी फांचा का श्रीखंड के लिए रोडमैप तैयार कर डीसी शिमला को सौंप दिया है। इसके बाद जिला प्रशासन ने अगले वर्ष से यात्रा शुरू करने को हरी झंडी दे दी है।

उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने अपने रामपुर दौरे के दौरान कहा कि अगले वर्ष से वाया ज्यूरी, फांचा होकर श्रद्धालुओं को श्रीखंड महादेव के दर्शनों के लिए भेजे जाने की व्यवस्था की जाएगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए क्षेत्र के कुछ युवाओं को मनाली में ट्रैकिंग का कोर्स करवाया। युवाओं को प्रशिक्षित करने का उद्देश्य भी यही है कि यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी होती है तो उसे तुरंत मदद मिल सके और स्थानीय युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध करवाया जा सके।

वर्तमान में यह यात्रा केवल जिला कुल्लू के जाओं होकर ही चल रही, लेकिन ज्यूरी फांचा से भी यात्रा शुरू होगी। बताया जाता है यह रूट जाओं के मुकाबले छोटा भी है। यात्रा बंद होने के यहां से जाने श्रद्धालु अपने जोखिम में चोरी छिपे निकलते थे। इसलिए पुलिस जवानों की तैनाती भी प्रशासन को करनी पड़ रही थी।

ज्यूरी फांचा से श्रीखंड यात्रा शुरू होने के बाद प्रशासन की ओर आए श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के द्वार भी खुलेंगे।

मणिमहेश लंगर कमेटी गगरेट ने परोसे स्वादिष्ट व्यंजन

मणिमहेश लंगर कमेटी गगरेट द्वारा बाबा मणिमहेश यात्रा के बग्गा पड़ाव पर मणिमहेश दर्शनों को को जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए वार्षिक लंगर का आयोजन किया गया है। मणिमहेश लंगर कमेटी के प्रधान सुङ्क्षरदर ङ्क्षसह व उपप्रधान अनिल कुमार (नीटू) ने बताया कि यात्रियों के लिए आठ सितंबर तक विशाल लंगर लगाया जाएगा। लंगर कमेटी के सेवादारों द्वारा सुबह चाय, पकोड़ा, ब्रेड पकोड़ा, बिस्कुट व समोसे का लंगर और दोपहर के भोजन के लिए चपाती दाल चावल, इटली, डोसा, दहीं भल्ला, मिस्सी रोटी परोसी जा रही है। कमेटी की ओर से यात्रियों के लिए सुबह दोपहर और शाम के खाने में अलग-अलग स्वादिष्ट व्यंजन परोसे जा रहे हैं। हर रोज ह•ाारों श्रद्धालु व स्थानीय लोग लंगर ग्रहण कर रहे हैं।

हर वर्ष लगने वाले इस लंगर का आयोजन आठ सितंबर तक किया जाता है और यह सब गगरेट व अम्ब वासियों के सहयोग से ही किया जाता है। बता दें कि गगरेट व अम्ब के स्थानीय दुकानदारों व व्यवसाईयों ने मिलकर श्री मणिमहेश लंगर कमेटी करीब 17 वर्ष पहले का गठन किया था और तब से लेकर यह लंगर कमेटी हर वर्ष मणिमहेश यात्रा में जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था करता है।

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