12 साल की गैंगरेप पीड़िता बनी बच्चे की मां, डीएम और सीएमओ को देखभाल के निर्देश

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दिल्ली में हुए निर्भया रेप कांड के बाद भले ही कड़े कानून बनाकर रेप की घटनाओं पर अंकुश लगाने की कोशिशें की गई हों, लेकिन उसके बाद भी ना जाने कितनी ही बच्चियां अब भी अपनी बेबसी पर रो रही हैं.

बीते मंगलावर को उन्नाव में रेप की शिकार हुई एक नाबालिग किशोरी ने एक बच्ची को जन्म दिया है. इस मामले में कोर्ट ने डीएम और सीएमओ को निर्देश जारी किया है कि मां और बच्चे को किसी प्रकार की परेशान न हो, इसका ख्याल रखें. इस केस में रेप के आरोपी सलाखों के पीछे हैं. कानून के अनुसार वह अपनी सजा भुगत रहे हैं.

दरअसल, पीड़िता के वकील संजीव त्रिवेदी ने अपर सत्र न्यायाधीश के समक्ष बेहतर इलाज को लेकर अपना पक्ष रखा. न्यायाधीश संदीप गुप्ता ने डीएम व सीएमओ डॉक्टर सत्य प्रकाश को निर्देश दिया कि जच्चा और बच्चा के इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती जाए. जैसे भी हो, अच्छा इलाज करवाया जाए. जच्चा को कंगारू मदर केयर वार्ड में भर्ती किया गया था, जबकि बच्चे के पैदा होने के बाद न रोने पर उसे एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों के मुताबिक जच्चा और बच्चा, दोनों की ही हालत ठीक है.

जिस उम्र में काजल (बदला हुआ रेप पीड़िता नाम) अपने बचपन से निकलकर सुनहरे भविष्य के सपने देख रही थी, उसी उम्र में इलाके के ही तीन दरिंदों ने मिलकर उसकी अस्मत लूट ली थी.

गांव के रहने वाले दरिंदों ने खेत पर जा रही काजल के साथ जबरन बलात्कार किया था और मौके से फरार हो गए थे. हालांकि, पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज़ कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.

लेकिन, काजल को क्या पता था कि उसके गर्भ में एक बच्ची भी पल रही है. जब उसे इस बात का पता चला तो बहुत देर हो गई थी. इसके बाद काजल ने अपनी बच्चे को इस दुनिया में लाने का फैसला किया.

बड़ी ही परेशानी और तकलीफ झेलने के बाद, ऑपरेशन से आखिरकार मंगलवार को काजल ने जिला अस्पताल में एक प्यारे शिशु को जन्म दिया. अब काजल के परिजन, आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के चलते अबोध बच्ची के पालन-पोषण को लेकर चिंतित हैं.

जानकारी के मुताबिक, काजल के पिता के सामने एक और बेटी की शादी करने की जिम्मेदारी है . काजल के साथ हुई हैवानियत के बाद उन्हें समाज में भी ठीक नजरों से नहीं देखा जा रहा है.वहीं, काजल के साथ हुई दरिंदगी और उसकी जन्मी मासूम बच्ची की देखरेख के लिए जिला अस्पताल के डॉक्टर हर प्रयास कर रहे हैं. लेकिन, बच्ची के परवरिश को लेकर अस्पताल प्रशासन भी चिंतित है. काजल की मदद के लिए सरकार से रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत मदद का आश्वासन भी दिया है.

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