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राजधानी में अश्लीलता से परेशान होकर लोगों ने छोड़ा पार्कों में जाना, लोगों ने की अश्लीलता दूर करने की मांग

लखनऊ : अयोध्या की राम पैड़ी में पति-पत्नी के अश्लीलता करने का मामला सामने आया. खूब बवाल मचा. सोशल मीडिया पर भी वीडियो वायरल हुआ. सवाल उठने लगे कि सार्वजनिक स्थलों पर हो रही अश्लीलता कहां तक ठीक है? लखनऊ में दर्जनों पार्क हैं. मीडिया की टीम ने राजधानी के कई पार्कों का दौरा किया. बातचीत में पता चला कि प्रेमी जोड़ों की अश्लीलता से परेशान होकर लोगों ने पार्कों में जाने से दूरी बना ली है.

लोहिया पार्क : राजधानी के गोमती नगर में लोहिया पार्क है. यहां रोजाना सुबह से शाम तक लोग आते थे. अधिक पेड़ पौधों के कारण परिवार के लोग भी यहां आकर ताजी हवा लेते थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों से यहां परिवार के लोग सिर्फ इसलिए नही आते हैं क्योंकि प्रेमी जोड़े अलग-अलग हिस्सों में बैठकर अश्लीलता की हदें पार करते हैं.संवाददाता ने लोगों से की बातचीत

गोमती रिवर फ्रंट : टेम्स नदी की तर्ज पर लखनऊ में गोमती रिवर फ्रंट बनाया गया था. इसकी खूबसूरती देखने के लिए हर कोई यहां आना चाहता है, लेकिन प्रेमी जोड़ों की अश्लील हरकतों की वजह से लोगों ने दूरी बना ली है. यहां भी सुबह से लेकर शाम तक प्रेमी जोड़ों का जमघट रहता है.

बेगम हजरत महल पार्क : कभी बेगम हजरत महल ने अंग्रेजों के खिलाफ़ इस पार्क से क्रांति का बिगुल फूंका था. आज यहां हर कोने में प्रेमी जोड़ा अश्लील हरकतें करता दिख जाएगा. इनमें कुछ ऐसे भी जोड़े होते हैं जो सुकून के पल बिताने के लिए पार्क में बनी चेयर में बैठते या फिर टहलते हैं.

पार्कों में खत्म हो अश्लीलता : लखनऊ के ये तीन पार्क महज बानगी भर हैं. यहां अंबेडकर पार्क, रेजीडेंसी व कुकरैल समेत एक दर्जन पार्क हैं. जहां इस तरह की हरकतें आम सी हो गयी हैं. यही नहीं यहां तैनात सुरक्षा गार्ड भी कुम्भकर्ण की नींद सोये रहते हैं. पार्क में घूमने आए दिनेश कुमार दुबे के मुताबिक वो पार्कों में अपने बच्चों के साथ आते हैं, लेकिन ऐसे जोड़ों को देख कर हम खुद शरमा जाते हैं. बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ता है.

वहीं सीमा दुबे ने कहा कि सरकार को पार्कों में आने वालों का एक दायरा निश्चित करना होगा. पार्क में सभी आयें यह उनका अधिकार है, लेकिन किस दायरे में यहां रहना है ये तो निश्चित करना ही होगा. वहीं छोटे लाल ने कहा कि पार्कों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि यहां आने वालों पर नजर रखी जाए. कैमरे लगे होने से प्रेमी जोड़ों को डर होगा कि यदि उन्होंने अश्लीलता फैलाई तो रिकॉर्ड हो जाएगा.

वहीं सामाजिक कार्यकर्ता सौरभ विश्वकर्मा कहते हैं कि युवा दिशाहीन है. जिस कारण वो पार्कों में अश्लीलता कर रहे हैं. वहीं इसके पीछे वो गार्ड भी दोषी है जो पार्कों में ऐसी हरकतों को रोकने के बजाए सोते रहते हैं. सौरभ का मानना है कि एंटी रोमियो स्क्वाड को इन पार्कों पर केंद्रित रहना चाहिए, ताकि इस तरह की अश्लीलता करने वालों को जेल भेजा जाए.

अश्लीलता करने वालों के खिलाफ होती है कार्रवाई : लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में तैनात डीसीपी सेंट्रल अपर्णा रजत कौशिक कहती हैं कि किसी सभी सार्वजनिक स्थल पर अश्लीलता करने की इजाजत किसी को नहीं है. पार्कों में खासतौर पर जहां बच्चे व बुजुर्ग अपने परिवार के साथ पार्क में जाते हैं. उन्होंने कहा कि कोई अश्लीलता करता हुआ दिख जाए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें. डीसीपी के मुताबिक सार्वजनिक स्थल पर अश्लीलता करने वालों के खिलाफ 294 आईपीसी के तहत कार्रवाई की जाती है.

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