चलती कार में स्टाफ नर्स से बलात्कार, हॉस्पिटल संचालक ने पांच लाख लेकर किया मामला रफा दफा करने का प्रयास

स्टाफ नर्स के साथ चार युवकों ने चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता ने दर्द जब अस्पताल संचालक को बताया तो उसने मदद करने के बजाए पीड़िता को कैद कर लिया और उसके मान-सम्मान का सौदा कर डाला।

आरोपितों से पांच लाख रुपये लेकर मामले को रफादफा करने का प्रयास किया। पीड़िता को जब यह पता चला तो उसने थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने आरोपित अस्पताल संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि चारों आरोपित अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।

मंगलवार को डीएम राकेश कुमार मिश्र और एसपी प्रशांत वर्मा सौरिख थाने पहुंचे। यहां उन्होंने अस्पताल संचालक और पीड़िता से बात की। उन्होंने कहा कि पीड़िता ने बताया कि घटना की जानकारी उसने निजी अस्पताल संचालक को दी। इस पर उसने पीड़िता को अस्पताल में ही बंधक बना लिया। पुलिस जांच में पता चला कि संचालक ने चारों आरोपितों को बुलाया। उनसे पहले 10 लाख रुपये मांगे। फिर पांच लाख में सौदा तय हुआ। बताया कि आरोपितों से उसने पांच लाख रुपये लेकर पीड़िता पर समझौते के लिए दबाव बनाया। किसी तरह वह वहां से निकल कर पुलिस तक पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। बताया जाता है कि पीड़िता मथुरा की रहने वाली है। उसने यहां ओम प्रकाश नाम के व्यक्ति ने नौकरी दिलवाई थी। बताया जाता है कि संचालक ने इस व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपये की चेक दी है, ताकि वह मुंह बंद रखे। कप्तान ने बताया कि छह आरोपितों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसमें सामूहिक दुष्कर्म, हमला, क्षति पहुंचाने की धाराएं शामिल हैं। आरोपितों की तलाश में सौरिख, इंदरगढ़ की पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

क्या है मामला

पीड़िता के मुताबिक 19 अगस्त रात चार लड़के अस्पताल आए। यहां उन्होंने नर्स को नशीली कोल्ड ड्रिक पिला दी। इसके बाद वह उसे कार में डाल कर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर ले गए। जहां उन्होंने चलती कार में उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह उसे अस्पताल में बेहोशी की हालत में छोड़कर भाग गए। बताया कि आरोपित किसी मरीज को भर्ती कराने आए थे।

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