पंजाब पुलिस के बर्खास्त ASI ने किया मर्डर, 23 साल की स्टाफ नर्स से था अफेयर, गला घोंट की हत्या, अब फरार

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मोहाली: मोहाली के गांव सोहाना में छप्पड़ (टोभे) के पास 13 नवंबर को 23 वर्षीय युवती नसीब का शव मिला था। अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। दरअसल युवती की हत्या पंजाब पुलिस की नौकरी से निकाले गए असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआइ) ने की और उसके शव सोहाना के छप्पड़ के पास फेंककर फरार हुआ था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट अनुसार नसीब की मौत गले की हड्डी टूटने से हुई थी। उसका गला घोंटा गया था, जिस वजह से गले की हड्डी टूट गई थी। मृतका नसीब स्टाफ नर्स थी।

आरोपित की पहचान मोहाली पुलिस के बर्खास्त एएसआइ रशप्रीत सिंह के तौर पर हुई है। आरोपित रशप्रीत सिंह फेज-8 थाने में तैनात था। उसपर डकैती का मामला दर्ज होने के बाद उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। आरोपित अभी फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। आरोपित रशप्रीत सिंह मोहाली के सेक्टर-80 परिवार के साथ रहता है। पुलिस ने उसके घर पर उसे गिरफ्तार करने गई तो वहां ताला लगा हुआ था।

परिवार के साथ फरार आरोपित रशप्रीत

आरोपित रशप्रीत नौकरी के दौरान प्रमोशन पा चुका था। पंचकूला में गैंगस्टरों से हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद उसकी टांग पर गोली लगी थी, जिसके बाद उसे तरक्की देकर एएसआइ बनाया गया था। आरोपित रशप्रीत के खिलाफ सोहाना थाने में आइपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया है। डीएसपी हरसिमरन सिंह बल ने बताया कि रशप्रीत परिवार के साथ फरार जिसकी तलाश जारी है।

मृतका नसीब के साथ रिलेशनशिप में था रशप्रीत

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपित रशप्रीत सिंह मृतका नसीब के साथ रिलेशनशिप में था। रशप्रीत पहले से शादीशुदा था जिसकी जानकारी नसीब को नहीं थी। पुलिस को मृतका नसीब के मोबाइल से दोनों की चैटिंग मिली है, जिससे उनके रिलेशनशिप का खुलासा हुआ है। वहीं, रशप्रीत ही एक्टिवा पर उसका शव छप्पड़ के पास फेंक कर गया था, जिसका खुलासा सीसीटीवी कैमरे में हुआ था।

सोहाना में पीजी रहती थी नसीब

13 नवंबर को नसीब का शव एक राहगीर को सोहाना के छप्पड़ के पास देखा था। उसने पुलिस कंट्रोल को इसकी सूचना दी थी। पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी नसीब मूल रूप में अबोहर की रहने वाली थी। नसीब सेक्टर-5 पंचकूला के जिंदल अस्पताल में स्टाफ नर्स थी। इससे पहले वह मोहाली के ग्रेशियन सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में नौकरी करती थी। मौत से 15 दिन पहले ही नसीब मोहाली रहने आई थी और वह यहां पीजी में रह रही थी।

शव के पास मिला था नसीब का मोबाइल

मोहाली में नसीब अपनी हिमाचल के शिमला निवासी सहेली के साथ सोहाना में पीजी रहती थी। घटना वाले दिन उसने अपनी सहेली को बताया था कि उसका एक रिश्तेदार बीमार है, जिसे वह दवाई देने जा रही है। उसके बाद नसीब ने सहेली का फोन नहीं उठाया। पुलिस ने नसीब के शव के पास से उसका मोबाइल फोन बरामद किया था, जिससे मामले का खुलासा हुआ।

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