पोक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को सुनाई आजीवन कठोर कारावास की सजा, जानें कैसे हुई थी वारदात

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मंडी। विशेष न्यायाधीश (पोक्सो), जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश, की अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोप सिद्ध होने पर एक व्यक्ति को विभिन्न धाराओं में कारावास की सजा के साथ जुर्माने की सजा सुनाई। जिला न्यायवादी मण्डी कुलभूषण गौतम ने बताया कि दिनांक 24.07.2018 को पीड़िता के पिता ने थाना सदर में आ कर अपना बयान कलमबन्द करवाया कि उसकी बेटी(आयु 15 वर्ष) अपने नाना के क्वाटर मेहमान गई थी और वह उसकी पत्नी व सास ससुर अपने अपने काम पर चले गए और जब शाम को वापिस लौटे तो उसकी बेटी  क्वाटर में नहीं थी।

उसने अपनी बेटी को ढूढनें के हर संभव प्रयास किया और थाना सदर में उसकी बेटी की गुमशुदगी के रिपोर्ट दर्ज करवाई और उक्त शिकायत के आधार पर पुलिस थाना सदर, जिला मण्डी ने दोषी के खिलाफ अभियोग 93/18 दर्ज हुआ था। इस मामले की छानबीन उप निरीक्षक रमेश कुमार व राम गोपाल, ने अमल में लायी थी। छानबीन के दौरान दिनांक 26.08.2018 को पीडिता को सुंदरवनी थाना से बरामद किया गया और तफ्तीश के दौरान पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि अभियुक्त उसे अपने साथ सुंदरवनी ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया और छान-बीन पूरी होने पर थानाधिकारी द्वारा मामले के चालान को अदालत में दायर किया था।

उक्त मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत में 18 गवाहों के ब्यान कलम बन्द करवाए थे। उक्त मामले में सरकार की तरफ से मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी चानन सिंह द्वारा की गयी। अभियोजन एवं बचाव पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोषी को भारतीय दण्ड सहिंता की धारा 376(3) के तहत 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा के साथ ₹50,000/- जुर्माने की सजा और पोक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ₹50,000/- जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में अदालत ने दोषी को 6 माह तक के अतिरिक्त कारावास की सजा भी सुनाई। सुनाई गयी सभी सजाएँ साथ साथ चलने के आदेश भी दिए हैं।

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