भोपाल से मुस्लिम के साथ भागी नाबालिग निकली गर्भवती, काउंसलिंग में हुए चौंकाने वाले खुलासे, पढ़ें पूरी खबर

0
5

भोपाल से निकले ये दोनों नाबालिग 15 साल की लड़की और 17 साल का लड़का शादी के लिए सागर जिले जा रहे थे। लेकिन गलत ट्रेन में चढ़ने के कारण वह विदिशा में उतर गया। यहां उन्हें जीआरपी ने पकड़ लिया और जांच के दौरान पता चला कि लड़की गर्भवती है।

चाइल्ड लाइन की काउंसलिंग में लड़की ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसका कहना है लड़का और उसकी मां उस पर शादी का दबाव बना रहे थे। उन्होंने उससे कहा, शादी कर लेगी तो बेटा चोरी और नशा करना छोड़ देगा। शादी के बाद वह लड़के का धर्म परिवर्तन भी करवा देगी। लड़के को भोपाल किशोर न्याय बोर्ड और लड़की को बाल कल्याण समिति भोपाल को सौंपा गया है।

लड़की ने बताया…
हम दोनों सालभर से एक-दूसरे को जानते हैं। लड़के की मां ने मुझसे कहा था कि जबसे तुम मेरे बेटे की जिंदगी में आई हो, उसकी हरकतों में सुधार होने लगा है। वह चोरी और गांजे की लत से दूर हो रहा है। मेरे बेटे से शादी कर लो, तो वह सुधर जाएगा। वह बेटे से शादी के लिए मुझ पर लगातार दबाव बना रही थी। लड़के की मां के कहने पर मैं मजबूरी में उससे बात किया करती थी। लड़का मुझसे कहता था कि मैं उससे शादी कर लूंगी तो वह अपना धर्म परिवर्तन कर लेगा। लड़के की मां ने भी कहा था कि वह अपने बेटे का धर्म परिवर्तन करवा देगी।

बता दें कि लड़के के रिश्तेदार सागर जिले में रहते हैं। इसलिए हम दोनों वहां शादी करने जा रहे थे। हम ट्रेन में बैठकर पहले इटारसी पहुंचे। यहां से हमने सागर जाने के लिए ट्रेन बदली। बाद में पता चला कि जिस ट्रेन में हम सवार हैं, वह सागर नहीं जाती। हम वापस भोपाल होते हुए विदिशा तक पहुंच चुके थे। हम दोनों यहां स्टेशन पर उतर गए। स्टेशन पर सागर जाने वाली ट्रेन का पता कर रहे थे। इसी दौरान GRP ने हमें पकड़ लिया और पूछताछ करने लगी।

ऑटो चलाता है लड़का…
विदिशा चाइल्ड लाइन की काउंसलर दीपा शर्मा ने बताया, GRP पुलिस ने हमें सूचना दी थी। काउंसलिंग में पता चला कि 15 साल की लड़की और 17 साल के लड़के के बीच एक साल से अफेयर चल रहा है। दोनों भोपाल में एक ही मोहल्ले में रहते हैं। लड़का ऑटो चलाता है और चोरी के आरोप में पकड़ा भी जा चुका है। वह नशे का भी आदी है।

अस्पताल में काम करती है मां…
लड़की चार बहनों और एक भाई में चौथे नंबर की है। उसकी बड़ी बहन की शादी के बाद माता-पिता में अलगाव हो गया था, जिसके बाद भाई पिता के साथ और तीन लड़कियां मां के साथ रहने लगीं। पिता चाय की दुकान चलाते हैं, जबकि मां एक अस्पताल में काम करती है। मां ड्यूटी जाती थी, तब घर आता था लड़का चाइल्ड लाइन की काउंसलर दीपा शर्मा के मुताबिक, लड़की की मां अस्पताल में काम करती है। ज्यादातर समय वह नाइट ड्यूटी में रहती है। मौका पाकर लड़का घर आ जाया करता था। यहां लड़की की बहनें भी रहती थीं, लेकिन उन्होंने न तो कभी इसका विरोध किया और न ही मां से कुछ कहा। इस दौरान उनके बीच संबंध भी बने। पकड़े जाने के बाद जब लड़की का मेडिकल करवाया गया तो वह गर्भवती निकली।

संदेह होने पर GRP के‎ ASI मनोहर सिंह चौहान, हेड कांस्टेबल‎ शिवराज यादव सहित अन्य जवानों ने लड़की से पूछताछ शुरू की। लड़की की मां का मोबाइल‎ नंबर लेकर उससे बातचीत की तो पता चला कि‎ वह परिजनों की अनुमति के बगैर ही दूसरे संप्रदाय के लड़के के साथ सागर जा रही है।‎ इसके बाद जब लड़के से पूछताछ की तो उसने‎ बताया कि वह लड़की को लेकर अपनी एक‎ रिश्तेदार के यहां सागर जा रहा है। इसके बारे में ‎उसकी महिला रिश्तेदार को भी पूरी जानकारी है।‎ उसी ने कहा था कि लड़की को लेकर भोपाल से ‎सागर आ जाओ।‎

ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई हो…
बाल कल्याण‎ समिति विदिशा के अध्यक्ष‎ प्रेम सिंह धाकड़ ने बताया, कुछ लोग व केंद्र सुनियोजित तरीके से बच्चों को‎ ट्रेनिंग देकर इस तरह का काम करवाते हैं।‎ ऐसे लोगों व केंद्रों को चिन्हित कर इन पर एवं इन केंद्रों‎ को संरक्षित करने वालों पर कठोर कार्रवाई‎ होनी चाहिए। साथ ही जिन परिवारों में किशोर अवस्था‎ के बालक-बालिका हैं, उन्हें बच्चों से मित्रवत‎ व्यवहार करना चाहिए, जिससे बच्चे कोई भी‎ परेशानी को आपसे सहज शेयर कर सकें।‎ उक्त प्रकरण भोपाल जिले का होने से‎ बालिका को बाल कल्याण समिति भोपाल‎ एवं बालक को किशोर न्याय बोर्ड भोपाल में‎ प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है।‎

समाचार पर आपकी राय: