संविधान रचयिता डॉ भीम राव अंबेडकर को लिखा भारत का पहला बलात्कारी, हिमाचल पुलिस चुप; आखिर क्यों?

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भारत के महान संविधान के रचयिता से हिमाचल में स्वर्ण समाज के कुछ लोग कितनी नफरत करते है। यह बात आज आप सभी को हम बताते है और भी सबूतों के साथ। आज भीम आर्मी के प्रदेशाध्यक्ष ने एक पोस्ट फेसबुक पर डाली तो इस पर Rajput Vivek Singh Thakral नाम के व्यक्ति ने देश के संविधान को लिखने वाले बाबा साहब भीम राव अंबेडकर को बलात्कारी बता डाला। जबकि एससी एसटी एक्ट किसी भी दलित के पूर्वज या महापुरुषों के ऊपर अभद्र टिप्पणी करने पर सजा का प्रावधान करता है। पढ़े क्या लिखा:-

Screen Shot of Vivek Singh Thakral Comment

Post Link: https://www.facebook.com/100077712124291/posts/pfbid02KxxZ2rdYzwVuGjHGK4hmCY2k5Coji28FFbvbsJDW56wEGh1GbHaKBXk54pTc7Ebil/

इस व्यक्ति में संविधान रचियता को बलात्कारी ही नही बल्कि एक काल्पनिक परिवार को गायब करने का भी दावा किया है। जब हमारी टीम ने इस बारे गूगल पर सर्च किया और पता करने को कोशिश की तो पाया कि यह सब एक मनघड़ंत कहानी है और संविधान निर्माता से नफरत करने वालों ने भीम राव अंबेडकर को बदनाम करने के लिए रची है।

विवेक सिंह ठकराल का प्रोफाइल फोटो

प्रोफाइल लिंक: https://www.facebook.com/profile.php?id=100006660690612

आपको बता दें को 1954 में डॉक्टर भीम राव अंबेडका की उम्र लगभग 63 साल थी और वह शुगर के भी मरीज थे। जिसके लिए वह लगातार दवाइयां लेते रहते थे। उनके सहायक नानक चंद रत्तू हमेशा उनके साथ रहते थे। ऐसा आदमी जो बिना सहारे कुछ नही कर सकता, वह किसी 17 साल की लड़की का बलात्कार कैसे कर सकता है। यह अपने आप में बड़ा सवाल है।

आपको एक और बात बता दें कि आजाद भारत में महिलाओं के अधिकारों को बात करने वाले भारत के पहले कानून मंत्री स्वयं डॉक्टर भीम राव अंबेडकर थे। जब महिलाओं के अधिकारों को बात आई थी तो डॉक्टर भीम राव अंबेडकर में कानून मंत्री के पद से इस्तीफा तक दे दिया था। आजाद भारत में महिलाओं से सभी अधिकारों के सूत्रधार स्वयं डॉक्टर भीम राव अंबेडकर थे

‘हिंदू कोड बिल’ के जरिए उन्होंने संवैधानिक स्तर से महिला हितों की रक्षा का प्रयास किया। इस बिल के 4 प्रमुख अंग थे–

1. हिंदुओं में बहू विवाह की प्रथा को समाप्त करके केवल एक विवाह का प्रावधान, जो विधिसम्मत हो।
2. महिलाओं को संपत्ति में अधिकार देना और बच्चे गोद लेने का अधिकार देना।
3. पुरुषों के समान नारियों को भी तलाक का अधिकार देना, हिंदू समाज में पहले पुरुष ही तलाक दे सकते थे।
4. आधुनिक और प्रगतिशील विचारधारा के अनुरूप समाज को एकीकृत करके उसे मजबूत करना।

उपरोक्त सभी बातों से साफ जाहिर होता है कि राजपूत विवेक सिंह ठकराल ने डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर को बदनाम करने की मंशा से यह पोस्ट भीम आर्मी के अध्यक्ष रवि कुमार दलित की वॉल पर डाली है। उसका असली मकसद हिमाचल के दलितों को नीचा दिखाना, डॉक्टर भीम राव अंबेडकर और दुनिया के महानतम संविधान का अपमान करना है। अब देखना यह होगा कि हिमाचल पुलिस, प्रशासन और सरकार ऐसे अपराधियों के खिलाफ क्या कार्यवाही करते है।

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