कर्नाटक में राष्ट्रीय ध्वज जलाने के मामले एफआईआर दर्ज, सामने आई ISIS की संलिप्तता

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दिल्‍ली. नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) कर्नाटक में शिमोगा जिले में 19 सितंबर को राष्ट्रीय ध्वज जलाने के मामले में जिसमें ISIS की भी संलिप्तता सामने आई थी, उस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज की है.

NIA की FIR के मुताबिक आरोपी तीनों युवक शिवमोगा में रह कर पूरे कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में आतंकी साजिश की प्लानिंग कर रहे थे. ये तीनों ISIS के सम्पर्क में थे. NIA का दावा है कि इनके खिलाफ उसके पास पुख्ता सबूत हैं. आरोपियों से पूछताछ के बाद कई पहलुओं से पर्दा उठ जाएगा. वहीं कुछ और गिरफ्ता‍रियों से इनकार नहीं किया गया है.

FIR के अनुसार, तिरंगा झंडा जलाने वाले मुनीर और यासीन हैं जबकि एनआईए की टीम मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी है. ये सभी ISIS से जुड़े हैं. इनके खिलाफ UAPA की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. इस मामले के तार मंगलोर धमाके से जुड़े हो सकते हैं. इस बात की भी जांच एनआईए कर रही है. यह FIR 15 नवंबर को दर्ज की गई है जिसके मुताबिक राष्ट्रीय ध्वज जलाने के आरोपी आतंकी संंगठन ISIS की विचारधारा से प्रेरित थे. उन्होंने खास निर्देश पाकर राष्ट्र विरोधी गतिविधियां संचालित की और राष्ट्रध्वज को कर्नाटक के शिमोगा जिले में जलाया.

गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में किया है खुलासा

जांच एजेंसी ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों से सवाल जवाब किए हैं. एजेंसी का कहना है कि पूछताछ में जो नाम सामने आएंगे, उनकी गिरफ्तारी संभव है. इन युवकों ने कहां-कहां, किस-किस को जोड़ रखा था, उस पर भी जांच की जा रही है. सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में पूरा मामला साफ हो जाएगा. राष्ट्र विरोधी गतिविधियां किसके इशारे पर हो रहीं थीं और इनमें कौन- कौन शामिल रहा, फिलहाल इसी सवाल पर पूछताछ हो रही है. आरो‍पियों ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं. उस जानकारी पर जांच जारी है.

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