हिमाचल के जंगलों में चंदन तस्करों की एंट्री, बिलासपुर में काट डाले चंदन के 8 पेड़

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बिलासपुर/शिमला। हिमाचल के बिलासपुर (Bilaspur) जिला और शिमला (Shimla) के जंगलों में चंदन तस्करों ने एंट्री मार दी है। बीती रात को बिलासपुर जिला में इन वन काटुओं ने पुष्पा स्टाइल में 8 चंदन के पेड़ काट डाले।

मामला बिलासपुर के चंगर क्षेत्र की ओयल पंचायत से सामने आया है। बताया जा रहा है कि आधी रात को वन काटुओं (Forest Mafia) द्वारा पेड़ काटने की आवाज सुन कर जंगल के पास के एक घर से एक व्यक्ति जाग गया और उसने इसकी सूचना स्थानीय लोगों और पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी मौके से भाग चुके थे।

हालांकि वह अपने साथ काटी गई चंदन की लकड़ी (Sandalwood) नहीं ले जा सके। पुलिस ने चंदन की लकड़ी को कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह घटना रात करीब दो बजे की है। रात करीब दो बजे जब प्रकाश नामक एक व्यक्ति ने अपने घर के समीप पेड़ कटने की आवाज सुनी तो उसने प्रधान दिनेश कुमार को सूचित किया।

प्रधान ने पुलिस व वन विभाग (Forest Department) को सूचना दी। ग्राम पंचायत प्रधान दिनेश कुमार ने पुलिस विभाग से इस क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है। डीएफओ (DFO) अवनि भूषण ने कहा पंचायत ओयल के समीप जंगल से चंदन के आठ पेड़ काटे गए हैं, जिनमें तीन पेड़ छोटे थे। मामले की जांच की जा रही है।

इसी तरह से राजधानी शिमला (Shimla) के समरकोट में भी वन काटुओं ने देवदार के कई पेड़ काट डाले। हालांकि इस मामले में पुलिस ने दो लोगो को गिरफ्तार किया है। पुलिस और वन विभाग ने मौके से देवदार (Cedar) के 11 स्लीपर भी बरामद किए हैं। शिमला पुलिस ने अब फॉरेस्ट गार्ड की शिकायत पर इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

गिरफ्तार दोनों आरोपी नेपाली (Nepali) मूल के बताए जा रहे हैं। समरकोट बीट की फॉरेस्ट गार्ड रीता (Forest Guard Rita) ने पुलिस को बताया कि उन्हें देवदार के पेड़ काटने की गुप्त सूचना मिली थी। जिसके बाद मौके पर जाकर देखा तो दो नेपाली 11 स्लीपरों को वहां से ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। काटी गई लकड़ी की कीमत 88 हजार रुपए आंकी गई है। वहीं दोनों मजदूरों खड़ग बहादुर और विमल थापा को पुलिस के हवाले किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।

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