नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले तांत्रिक को अदालत ने सुनाई 25 साल के कठोर कारावास की सजा

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मंडी। नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोपी तांत्रिक को अदालत ने 25 साल का कठोर कारावास और एक लाख पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म करने का अभियोग साबित होने पर आरोपी तांत्रिक के खिलाफ भादंसं की धारा 376 (तीन), 506 और पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत क्रमश: 25 साल, पांच साल और 25 साल के कठोर कारावास और पचास हजार, पांच हजार और पचास हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

दोषी के जुर्माना राशि निश्चित समय में अदा न करने पर उसे दो से 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने बताया कि 14 सितंबर, 2020 को जोगिंद्रनगर अस्पताल से पुलिस को सूचना मिली कि एक नाबालिग गर्भवती है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि कुछ दिनों से उसके सिर में दर्द रहता था। इस पर उसकी मां उसे तांत्रिक (चेला) के पास ले गई।

तांत्रिक ने उसे जादू टोने की शिकायत बताई। इसके कारण पीड़िता अकसर तांत्रिक के पास जाती थी। इसी बीच 9 मार्च को आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता को इस बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर मामला दर्ज करके आरोपी के खिलाफ अदालत में अभियोग चलाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए उप जिला न्यायवादी चानन सिंह ने 18 गवाहों के बयान कलमबद्ध करवाकर आरोपी के खिलाफ अभियोग को साबित किया।

अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ नाबालिग से दुष्कर्म करने और उसे धमकी देने का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। इसके चलते अदालत ने आरोपी को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।

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