भाजपा आईटी सेल संयोजक ने दी चार दिन बाद उठाने की धमकी, सोशल मीडिया पर वायरल हुए स्क्रीन शॉट; आप भी देखें

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हिमाचल में चुनाव परिणाम आने में अभी चार दिन बाकी है और लोग बेसब्री से नई सरकार के गठन का इंतजार कर रहे है। लेकिन इसी दौरान कुछ पार्टियों के पदाधिकारी सरकार बनने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रहे है और उन्होंने ने आम लोगों को डराना धमकाना भी शुरू एक दिया है। ऐसा ही मामला मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के विधानसभा क्षेत्र सराज से निकल एक सामने आया है।

जहां भाजपा आईटी सेल के संयोजक ने आम आम आदमी को उठाने और देखबलेने की धमकी देता नजर आया है। भाजपा आईटी सेल के संयोजक ने सरेआम फेसबुक पर लिखा है कि ‘Tere Ko Sidha Chak Denge 4 Din bad Ruk Ja Tu’ भाजपा आईटी सेल के पदाधिकारी का ऐसा बयान आम जनता में खौफ की स्थिति उत्पन कर रहा है। लोगों की दिमाग में कई तरह के सवाल आने शुरू हो चुके है कि क्या वह आने वाली सरकार में सुरक्षित होंगे या उनको ऐसे गुंडागर्दी का सामान करना पड़ेगा।

इस बारे जब पीड़ित से बात की गई तो उनका कहना था कि मैं भाजपा का समर्थन नहीं करता। लोकतंत्र में मेरा अधिकार है कि मैं अपनी मर्जी से स्वतंत्र रूप से किसी भी पार्टी या विचारधारा का समर्थन करूं। लेकिन मेरे द्वारा भाजपा की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाने पर मुझे इस तरह की धमकियां दी गई है। उन्होंने बताया कि भाजपा आईटी सेल के संयोजक द्वारा दी गई थमकी से मानसिक रूप से परेशान हूं। यह लोग पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग कर सकते है। उन्होंने बताया कि इन्हीं लोगों की शह पर कई बार पुलिस ने मुझे कॉल करके डराने धमकाने की कोशिश की है।

पीड़ित का कहना है कि मैं एक आम आदमी हूं, मैने जब भी अपनी बात सोशल मीडिया के माध्यम से रखने की कोशिश की है तब तब मेरे खिलाफ पुलिस अधिकारियों ने बिना एफआईआर कॉल पर प्रताड़ित किया है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों मेरे पीछे सीआईडी के कर्मचारी भी लगाए गए थे। जिसके कारण मुझे और मेरे परिवार को बहुत ज्यादा मानसिक परेशानियों के बीच से गुजरना पड़ा था। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं बीजेपी आईटी सेल के संयोजक ने सोशल मीडिया पर गाली गलौच भी किया और धमकाने की कोशिश भी की है।

अब देखना यह होगा कि क्या खुद को निष्पक्ष और स्वतंत्र बताने वाली हिमाचल प्रदेश पुलिस इस मामले में क्या कार्यवाही करती है। पुलिस भाजपा आईटी सेल के संयोजक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करती है और उसको सजा दिलाती है या फिर यह सब यूं ही चलता रहेगा और हिमाचल के आम आदमियों को डर के साए में जीना पड़ेगा।

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