झूठे एनडीपीएस मामले में दो लोगों को फंसा कर लूटे 81 लाख, पंजाब पुलिस के तीन कर्मी गिरफ्तार

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ऊना: पंजाब के फिरोजपुर में 2 लोगों को फर्जी एनडीपीएस के मामले में फंसाने के आरोपी पंजाब पुलिस के बर्खास्त 3 कर्मियों को पंजाब व हिमाचल पुलिस के संयुक्त ऑप्रेशन के दौरान ऊना शहर में नाका लगाकर पकड़ लिया गया है।

2 आरोपियों के पास से पुलिस ने सरकारी हथियार भी बरामद किए हैं। आरोपियों को ऊना थाना सदर में कार्रवाई पूरी करने के बाद पंजाब पुलिस की टीम अपने साथ पंजाब ले गई है। पंजाब पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है। इस मामले में चौथा आरोपी पुलिस की पकड़ से अभी तक बाहर है। सभी आरोपी फिरोजपुर इलाके में नारकोटिक्स सैल में तैनात हैं और इंचार्ज सहित उनके खिलाफ फिरोजपुर कैंट थाना में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद से ये फरार चल रहे थे और आज इनमें से 3 को ऊना शहर से गिरफ्तार किया गया।

मामला दर्ज होने के बाद बर्खास्त किए थे कर्मचारी
पुलिस ने आरोपियों परमिंद्र सिंह बाजवा, अंग्रेज सिंह, हवलदार जोगिंद्र सिंह व अन्य के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 166, 167, 195, 471, 218, 120बी, नारकोटिक्स ड्रग एक्ट की धारा 59 व 21 सहित भ्रष्टाचार उन्मूलन एक्ट की धारा 13 के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद तीनों को रुपए हड़पने की साजिश रचने और झूठा मामला दर्ज करने को लेकर प्रारंभिक जांच के बाद पंजाब पुलिस से बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद से पंजाब पुलिस इनकी तलाश में छापामारी कर रही थी। आज ऊना से अंग्रेज सिंह, जोगिंद्र सिंह और राजपाल को गिरफ्तार किया गया है जबकि परमिंद्र सिंह बाजवा अभी पुलिस की पकड़ में नहीं आया। ऊना थाना सदर में पंजाब पुलिस के फिरोजपुर जिले के गुरहरसहाय सब डिवीजन के डीएसपी यादविंद्र सिंह ने कहा कि 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और चौथे की तलाश जारी है।

पंजाब पुलिस ने ऊना पुलिस से सांझा की थी सूचना
पंजाब पुलिस ने इस संबंध में हिमाचल पुलिस को इन आरोपी पुलिस कर्मियों के हिमाचल में प्रवेश करने की सूचना सांझा की थी और आरोपियों की तस्वीरें भी पुलिस के साथ मंगलवार को सांझा की थीं। बुधवार को सूचना को दोबारा से ऊना पुलिस के साथ सांझा किया गया और आरोपियों के ऊना में एक गाड़ी में पहुंचने की सूचना दी गई। इसके बाद ऊना पुलिस ने रैड लाइट चौक के पास नाका लगाया और आरोपियों की गाड़ी को रोक लिया। इसी दौरान उनका पीछा करते हुए पंजाब पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों को आगामी कार्रवाई के लिए ऊना थाना सदर ले जाया गया। जहां तीनों से लम्बी पड़ताल की गई और कार्रवाई को पूरा किया गया।

ये है मामला
पंजाब पुलिस के फिरोजपुर कैंट में 25 जुलाई को राजस्थान के बीकानेर जिले के भंवर लाल ने शिकायत दर्ज करवाते हुए कहा था कि उसका भाई अशोक कुमार रुपए के लेन-देन का काम करता है। अशोक कुमार ने अपने कर्मचारी गौतम के लिए 20 जुलाई को शाम के समय लुधियाना से किराए की टैक्सी हायर की थी, जिसका चालक कंवलजीत सिंह था। दोनों टैक्सी में मोगा किसी पार्टी से 86 लाख रुपए की पेमैंट लेकर आने वाले थे लेकिन शाम लगभग 8 बजे गौतम का फोन बंद हो गया और उसके बाद उसको पता लगा कि फिरोजपुर नारकोटिक्स सैल के इंचार्ज परमिंद्र सिंह बाजवा, एएसआई अंग्रेज सिंह और हैड कांस्टेबल जोगिंद्र सिंह ने अपने अन्य साथियों के साथ गौतम और टैक्सी चालक कंवलजीत को पकड़ लिया है। शिकायत में आरोप लगाया कि परमिंद्र सिंह बाजवा व उनकी टीम ने मिलकर उसकी 86 लाख रुपए की पेमैंट में से 81 लाख रुपए खुर्द-बुर्द कर दिए और उसके कर्मचारी गौतम व चालक कंवलजीत सिंह के खिलाफ एक किलो हैरोइन पकड़ने और 5 लाख रुपए ड्रग मनी के तौर पर बरामद करने का मामला दर्ज कर लिया। यह सिर्फ 81 लाख रुपए की राशि हड़प करने के लिए फर्जी मुकद्दमा दायर किया गया था।

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