23 साल की डॉली शादी के अगले दिन नकदी और जेवर लेकर हुई फरार, पुलिस ने गैंग समेत किया गिरफ्तार

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फर्रुखाबाद: बॉलीवुड फिल्म ‘डॉली की डोली’ आपने जरूर देखी होगी. फर्रुखाबाद में भी एक ‘डॉली’ है, जिसकी उम्र अभी महज 23 वर्ष है, लेकिन कारनामे ऐसे की आप सुनकर हैरान हो जाएंगे.

अपना नाम कभी खुशबू तो कभी रूबी बताने वाली शातिर युवती अब तक कई लोगों को अपना शिकार बना चुकी है. शादी के नाम पर युवती का पूरा गैंग झांसा देकर लोगों से पैसे और नकदी लूटकर फरार हो जाता था. फिलहाल इस शातिर गैंग का पुलिस ने भांडाफोड़ कर दिया है. साथ ही दो महिलाओं समेत आधा दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया है.

क्या है पूरा मामला?
मामला कमालगंज थाना क्षेत्र के कडहर गांव का है. यहां रहने वाले विनोद तिवारी एक महीने पहले इस गैंग का शिकार बने थे. 33 वर्ष के विनोद तिवारी शादी न होने से काफी परेशान थे. गैंग ने झांसा देकर दिनेश की रूबी उर्फ खुशबू से शादी करा दी. शादी में पूरी रस्में निभाई गईं. विदाई के बाद दिनेश खुशी-खुशी अपनी दुल्हन को लेकर घर पहुंचे. लेकिन उनकी यह खुशी ज्यादा देर ना टिक सकी. दरअसल, शादी के अगले ही दिन दुल्हन सारे जेवर और नकदी लेकर घर से फरार हो गई. यह जानकर दिनेश के पैरों तले जमीन खिसक गई.

इस मामले में 7 जुलाई को पीड़ित ने अशोक दीक्षित निवासी दानमंडी जहानगंज, भोले शुक्ला निवासी नेकपुर चौरासी, पाल निवासी अज्ञात, सुषमा कश्यप निवासी कादरी गेट, रूबी उर्फ खुशबू व लक्ष्मी बिर्राबाग फर्रुखाबाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. इसमें रूबी उर्फ खुशबू दुल्हन बनी थी. जबकि सुषमा सास और लक्ष्मी साली बनी थी. पीड़ित ने गैंग पर करीब ₹400000 के जेवर लेकर फरार होने का आरोप लगाया. वहीं, मुकदमा दर्ज होने के एक महीने बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को हिरासत में ले लिया है. गैंग की डॉली यानी कि खुशबू भी पकड़ में आ चुकी है. पुलिस आरोपियों से पूरे गैंग का खुलासा करने के लिए पूछताछ कर रही है.

ऐसे खुली पोल
दरअसल, पुलिस ने आरोपी अशोक दीक्षित को सेंट्रल जेल के पास स्थित ढिलावर गांव के एक देसी शराब ठेके के पास से गिरफ्तार किया था. पुलिस द्वारा अशोक के पकड़ने के बाद ही मामले की परतें खुलती चली गईं. पूछताछ के बाद पुलिस ने पांचाल घाट स्थित भगुआ नगला में एक घर पर छापा मारा. जहां गैंग के कई सदस्य मिले. जिन्हें पुलिस पकड़ कर थाने ले आई. पकड़े गए आधा दर्जन लोगों में दो महिलाएं भी शामिल हैं. थानाध्यक्ष अमरपाल सिंह ने बताया कि वह शीघ्र ही मामले का पर्दाफाश करेंगे.

गैंग के निशाने पर रहते थे उम्रदराज कुंवारे लोग
पूछताछ में पता चला कि इस गैंग में 12 से 15 लोग शामिल हैं. यह गैंग अविवाहितों को शादी का झांसा देता था. उम्रदराज कुंवारे लोग इनके खास निशाने पर होते थे. ऐसे लोगों को फंसाकर गैंग की ‘डॉली’ शख्स से रोका फिर तिलक और उसके धूमधाम से शादी करती. वहीं, शादी के अगले ही दिन मौका पाकर दुल्हन बनी शातिर ‘डॉली’ घर के सारे जेवर और रुपये लेकर फरार हो जाती थी.

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