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शिमला में मृत्यु दर सबसे ज्यादा, यूएसए ने हिमाचल को भेजे 80 हजार एन 95 मास्क

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में कोविड से मरने वालों की मृत्यु दर सबसे ज्यादा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों से यह बात सामने आई है। आंकड़ों के अनुसार शिमला में कोविड मृत्यु दर 2.25 प्रतिशत है, जबकि प्रदेश में मृत्यु दर 1.45 प्रतिशत है। चंबा में मृत्यु दर 1.21, कांगड़ा 1.99 प्रतिशत, कुल्लू 1.18, मंडी 1.19, सोलन 0.91 और ऊना में 1.61 प्रतिशत है। कोविड से रिकवर होने के मामले में सबसे खराब हालात कांगड़ा जिले के हैं। यहां रिकवरी दर 66.6 प्रतिशत है। शिमला में 82, मंडी 81.1, ऊना 79, कुल्लू 82.9 और चंबा में रिकवरी दर 75 प्रतिशत है। प्रदेश में रिकवरी दर 81.9 प्रतिशत है। ऐसे में विभाग का पूरा जोर इस प्रतिशत को बढ़ाने और मृत्यु दर को कम करने के लिए अलग अलग रणनीति के तहत काम करने पर है।

यूएसए से हिमाचल को मिले 80 हजार एन-95 मास्क
हिमाचल प्रदेश सरकार को विदेशों से मिलने वाली स्वास्थ्य उत्पादों की मदद जारी है। संयुक्त राज्य अमेरिका से हिमाचल प्रदेश को भारत सरकार के माध्यम से 80 हजार एन 95 मास्क मिल गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि इसके अलावा इंग्लैंड से 36 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, ताईवान से 185 सिलिंडर और कुवैत से 188 मेडिकल ऑक्सीजन सिलिंडर व 107 लाइव वेट एल्युमिनियम ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचे हैं। प्रवक्ता ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरत के अनुसार इनका उपयोग किया जाएगा।

कोरोना काल में एकजुट होकर काम करें रेडक्रॉस स्वयंसेवी : राज्यपाल राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने बतौर राज्य रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष स्वयंसेवियों से अपील की है कि वह कोरोना महामारी के दौर में एकजुट होकर कार्य करें। राज्य रेडक्रॉस और इसकी सभी शाखाओं के अलावा सभी संबंधित स्वयंसेवियों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह समय समन्वय स्थापित कर कार्य करने का है। राज्यपाल ने शनिवार को राजभवन में विश्व रेडक्रॉस दिवस पर प्रदेश रेडक्रॉस द्वारा कोविड 19 मरीजों के लिए वितरित की जाने वाली स्वच्छता किट और अन्य सामग्री वाली रेडक्रॉस वैन को भी झंडी दिखाकर रवाना किया। राज्य रेडक्रॉस अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्ष डॉ. साधना ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।

राज्यपाल ने कहा कि हम एक-दूसरे से सीख ले सकते हैं और अपने प्रयासों में वृद्धि कर सकते हैं। हमें अपने प्रयासों को जारी रखना चाहिए और कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए स्वैच्छिक सहयोग को बढ़ाना चाहिए। कोरोना के मरीजों के लिए और अधिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और ऑक्सीजन युक्त बिस्तरों तथा समर्पित टीमों की आवश्यकता है। स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए अधिकतम सेवानिवृत्त स्वास्थ्य कर्मियों और पूर्व सैनिकों की सेवाएं लेने पर जोर दिया। यह एक आपातकालीन स्थिति है और हमें जीवन के साथ-साथ आजीविका को भी बचाना है। इस दौरान राज्यपाल के सचिव और राज्य रेडक्रॉस के महासचिव राकेश कंवर और सचिव पीएस राणा उपस्थित थे।

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