कोरोना वायरस के साथ जारी जंग को निर्णायक बनाने के लिए लोगों की वैक्सीनेशन बल्क में करने का निर्णय लिया गया है। इसी के तहत रविवार से जिला भर में 5 दिवसीय कोविड टीका उत्सव की शुरुआत भी की गई। इस उत्सव के दौरान 5 दिनों में 25000 लोगों को वैक्सीनेट करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जुगलबंदी के पीछे शुरू किए गए इस टीका उत्सव की खास बात यह भी रहेगी कि अब लोगों को वैक्सीनेशन के लिए अस्पतालों में आने की मजबूरी नहीं होगी। औद्योगिक क्षेत्रों या जिन कार्यालयों में ज्यादातर लोग काम कर रहे हैं, उन्हें उन्हीं के कार्यस्थल पर अब टीकाकरण किया जाएगा। जिला ऊना में कोरोना के पॉजिटिव मामले और कोरोना संक्रमण से मौतों के मामलों में लगातार इजाफा होता जा रहा है ऐसे में यह अभियान कोविड पर काबू पाने में अहम भूमिका निभा सकता है। 

जिला ऊना में मार्च माह से कोरोना के रिकॉर्ड तोड़ पॉजिटिव मामले और संक्रमितों की मौत के मामले सामने आ रहे है। कोविड-19 को मात देने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग नित नए प्रयोग करता दिखाई दे रहा है। संक्रमण की रोकथाम के लिए और लोगों को इस से महफूज करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ जिला प्रशासन ने मिलकर एक मास्टर प्लान तैयार किया और जिसके तहत पांच दिवसीय टीका उत्सव की शुरुआत और रविवार को जिला के विभिन्न स्थानों पर की गई। इन 5 दिनों में 25000 लोगों का टीकाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। टीका उत्सव की खास बात यह भी रहेगी कि अब लोगों को टीका लगवाने के लिए अस्पतालों में आने की मजबूरी नहीं रहेगी। औद्योगिक क्षेत्रों के बड़े औद्योगिक यूनिटों और ज्यादा संख्या वाले कर्मचारियों के कार्यालयों में अब लोगों को टीकाकरण अपने ही कार्यस्थल पर उपलब्ध होगा। टीकाकरण के लाभार्थियों में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी व्यक्ति शामिल किए गए हैं। वही टीकाकरण के प्रति लोगों को सचेत और जागरूक करने के लिए भी विभिन्न अभियान छेड़े गए हैं। टीका उत्सव के दौरान वैक्सीनेशन करवाने वाले लाभार्थियों का कहना है कि लोगों को कोविड से जारी जंग में आगे आते हुए टीकाकरण करवाना चाहिए ताकि इस जंग में हमारी जीत सुनिश्चित हो सके।

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