सरकार ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए दो वैक्सीन कोविडशील्ड और कोवैक्सीन को इमरजेंसी हालात में इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। ऐसे में कई लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द उन्हें वैक्सीन लगे और कोरोना का डर खत्म हो। इसका फायदा साइबर फ्रॉड करने वाले उठा रहे हैं।

हेलो सर, मैं **** कंपनी से बोल रहा हूं जो राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करती है। हम लोग कोरोना वायरस वैक्सीन के लिए कुछ लोगों का रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। आपका नाम भी चुना गया है। लेकिन इसके लिए सर आपको अपनी कुछ डिटेल्स बतानी होंगी।

सबसे पहले तो ये ठग फोन करके आपको कोरोना वायरस के आने वाले खतरे के बारे में बताते हैं जैसे कि वायरस का नया स्ट्रेन सामने आया है, यह काफी तेजी से फैल रहा है, हमारे परिवार की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि हम लोग वैक्सीन लगवाएं। इस तरह वह सामने वाले का मूड तो भांपते ही हैं और साथ ही उन्हें डराते भी हैं कि वैक्सीन के लिए कितने लोग लाइन में हैं और अगर रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया, तो उनके परिवार का नंबर बहुत बाद में आएगा। वह आश्वासन देते हैं कि कोविड-19 वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन के बाद इनका नंबर वैक्सीन लगवाने में सबसे पहले आएगा। इसके बाद वह रजिस्ट्रेशन के नाम पर ईमेल आईडी और आधार कार्ड जैसी जरूरी जानकारी मांगते हैं। यह जानकारी मिलने के बाद सामने वाले शख्स के पास ओटीपी नंबर जाता है जिसकी जानकारी ये ठग मांगते हैं। और यह ओटीपी नंबर देते ही आधार कार्ड से जुड़े बैंक अकाउंट से सारा पैसा निकाल लिया जाता है।

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