Himachal News: हिमाचल प्रदेश में हवाई सफर का सपना देखने वालों के लिए बड़ी खबर है। राजधानी शिमला के संजौली हेलीपोर्ट से 20 जनवरी को हेली-हॉप सेवा शुरू होने जा रही है। यह सेवा किन्नौर के रिकांगपिओ और कुल्लू के भुंतर के लिए होगी। लेकिन इस सफर के लिए सरकार ने कुछ सख्त नियम बनाए हैं। अगर आपका वजन तय सीमा से ज्यादा है, तो आपको हेलिकॉप्टर में सीट मिलने में मुश्किल हो सकती है। इसके अलावा सामान ले जाने पर भी बड़ी पाबंदी लगाई गई है।
वजन छिपाया तो नहीं मिलेगी एंट्री
उड़ान योजना के तहत शुरू हो रही इस सेवा में यात्रियों को टिकट बुक करते समय अपना बिल्कुल सही वजन बताना होगा। नियमों के मुताबिक, एक यात्री का अधिकतम वजन 75 किलोग्राम माना गया है। अगर किसी यात्री का वजन इससे ज्यादा है, तो उसे तभी अनुमति मिलेगी जब बाकी यात्रियों का औसत वजन कम हो। अगर 75 किलो से ज्यादा वजन होने पर सीट मिलती है, तो यात्री को प्रति किलोग्राम 100 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा। गलत जानकारी देने वाले यात्री को बोर्डिंग से रोका जा सकता है।
सिर्फ 5 किलो सामान ले जाने की छूट
पहाड़ी रास्तों पर हेलिकॉप्टर उड़ाना जोखिम भरा होता है, इसलिए सामान को लेकर भी कड़ाई बरती गई है। हेरिटेज एविएशन के हेलिकॉप्टर में एक यात्री अपने साथ सिर्फ 5 किलो सामान ले जा सकता है। अगर इससे ज्यादा सामान हुआ, तो तकनीकी मंजूरी के बाद ही उसे रखा जाएगा। अतिरिक्त सामान के लिए भी आपको प्रति किलो 100 रुपये चुकाने होंगे। सुरक्षा कारणों से इन नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
इतना होगा हवाई सफर का किराया
हेरिटेज एविएशन कंपनी रिकांगपिओ और भुंतर के लिए एयरबस एच-125 (AS350) हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करेगी। इसमें पायलट के साथ केवल पांच यात्री बैठ सकेंगे। हेरिटेज एविएशन हफ्ते के सातों दिन अपनी सेवाएं देगी।
- शिमला से रिकांगपिओ: 4000 रुपये प्रति सीट
- शिमला से भुंतर (कुल्लू): 3500 रुपये प्रति सीट
पवन हंस भी जल्द शुरू करेगा उड़ान
राज्य में हेरिटेज एविएशन के साथ-साथ पवन हंस लिमिटेड भी अपनी सेवाएं देगा। पवन हंस चंडीगढ़-शिमला-मनाली और शिमला-रिकांगपिओ रूट पर हफ्ते में तीन दिन उड़ान भरेगा। फिलहाल पहले चरण में हेरिटेज एविएशन की शुरुआत हो रही है। पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार ने बताया कि पहाड़ों में सुरक्षा सबसे जरूरी है। हेलिकॉप्टर की क्षमता सीमित होती है, इसलिए वजन के नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
