Tehran News: ईरान में महंगाई और खराब अर्थव्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन अब हिंसक हो चुके हैं। सरकार की सख्ती के बावजूद लोग सड़कों पर डटे हुए हैं। इन दंगों में अब तक 35 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच ईरान के नागरिकों को एक बहुत बड़ा डर सता रहा है। उन्हें आशंका है कि अमेरिका अब वेनेजुएला की तर्ज पर ईरान में भी सैन्य कार्रवाई कर सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ताजा चेतावनी ने इस डर को और बढ़ा दिया है।
ट्रंप की चेतावनी और सेना का जवाब
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान के प्रदर्शनकारियों का खुला समर्थन किया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे आएगा। ट्रंप के इस बयान ने माहौल को गरमा दिया है। इधर, ईरान के सेना प्रमुख ने भी कड़े तेवर दिखाए हैं। उन्होंने ट्रंप के बयान पर जवाबी हमले की धमकी दी है। ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग अब खतरनाक मोड़ पर है।
इजरायल के हमले का डर
ट्रंप की धमकी के बाद ईरान के लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। उन्हें डर है कि अमेरिका का करीबी दोस्त इजरायल फिर से ईरान को निशाना बना सकता है। गौरतलब है कि पिछले जून में इजरायल और ईरान के बीच 12 दिनों तक संघर्ष चला था। उस दौरान इजरायल ने ईरान के कई बड़े सैन्य अधिकारियों और वैज्ञानिकों को मार गिराया था। वहीं, अमेरिका ने भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी।
वेनेजुएला जैसी साजिश का शक
तेहरान के एक शिक्षक सईद सैय्यदी ने कहा, ‘खुदा हमारे नेता की रक्षा करे। हमें भी अब सचेत रहना होगा।’ उन्होंने शक जताया कि अमेरिका वेनेजुएला जैसी ही कार्रवाई यहां भी कर सकता है। जानकारों का मानना है कि अमेरिका तेल के लिए ईरान के खिलाफ साजिश रच रहा है। वहीं, एक विश्लेषक ने दावा किया कि पिछले साल अमेरिका और इजरायल ने ईरानी अधिकारियों को अगवा करने का प्लान बनाया था। हालांकि, इसके कोई सबूत नहीं दिए गए।
