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चालको-परिचालकों के लिए आफत बना कोरोना कर्फ्यू

कोरोना कर्फ्यू में परिवहन सेवाएं बंद होने के बाद निजी बस ऑपरेटरों का कारोबार पूरी तरह से ठप हो गया है। ऐसे में बस मालिक तो किसी ना किसी तरह अपना गुजारा कर रहे हैं लेकिन बसों के जो चालक परिचालक इस आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं । स्थिति यह है कि निजी बसों में सेवाएं दे रहे चालक परिचालक बेरोजगार होकर भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं।

ऐसे में निजी बस ऑपरेटर संघ ने प्रदेश सरकार से निजी बसों के चालक व परिचालकों को राशन भत्ता देने की मांग की है ताकि वह अपने परिवार का पालन पोषण कर सके।।कोरोना काल में निजी बस ऑपरेटर पूरी तरह बेरोजगार हो गए हैं। ऐसे में बस आपरेटरों के पास बसों की क़िस्त, टैक्स भरने तक का भी पैसा नहीं है।

गौर रहे कि प्रदेश में करीब 3300 निजी बसें हैं। इन बसों में करीब सात हजार चालक परिचालक अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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