Madhya Pradesh News: किसान कांग्रेस के एक नेता के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रामनिवास धाकड़ ने भगवान राम के नाम के इस्तेमाल पर सवाल उठाया था। इस पोस्ट से नाराज हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कोलारस थाने पर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने नेता के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
विवादित पोस्ट मंगलवार रात सामने आया। किसान कांग्रेस अध्यक्ष रामनिवास धाकड़ ने इंटरनेट मीडिया पर एक संदेश प्रसारित किया। इसमें उन्होंने ‘जय श्रीराम’ लिखने पर प्रतिबंध जैसी बात कही। उन्होंने संदेश में ओबीसी समुदाय को इस नारे का उपयोग छोड़ने के लिए कहा। इस पोस्ट ने तुरंत ही सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा कर दिया।
हिंदू संगठनों का थाने पर प्रदर्शन
बुधवार शाम कोविश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। उन्होंने कोलारस थाने के सामने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी सनातन धर्म मानने वालों की आस्था पर चोट है। उनका आरोप था कि नेता ने जानबूझकर धार्मिक भावनाएं भड़काने का काम किया।
कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग रखी गई। प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक असंतोष भड़काने के मामले में सख्त धाराएं लगाने का अनुरोध किया। पुलिस ने मामला दर्ज करने से पहले उचित जांच का आश्वासन दिया।
नेता ने हटाया विवादित पोस्ट
थानेमें शिकायत दर्ज होने की खबर मिलते ही रामनिवास धाकड़ सक्रिय हुए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वह पोस्ट हटा दिया। हालांकि, हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता पहले ही स्क्रीनशॉट ले चुके थे। उनका कहना है कि पोस्ट हटाने से अपराध मिटता नहीं है।
पुलिस ने अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। कोलारस थाना प्रभारी गब्बर सिंह गुर्जर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि मामले की गहन जांच चल रही है। पुलिस पोस्ट की प्रामाणिकता और उसके प्रभाव को समझने का प्रयास कर रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आनी बाकी
इस विवाद पर अभीतक कांग्रेस पार्टी की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक पर्यवेक्षक इस घटना को गंभीरता से देख रहे हैं। उनका मानना है कि यह मामला सोशल मीडिया के दुरुपयोग का उदाहरण है। धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दे अक्सर बड़े विवाद में बदल जाते हैं।
स्थानीय प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया है। अधिकारियों का कहना है कि कानून अपना काम करेगा और निष्पक्ष जांच होगी। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।
