हिमाचल में चार नगर निगमों के लिए 7 अप्रैल को वोटिंग होगी और 7 को ही नतीजे घोषित किए जाएंगे। नगर निगम चुनाव को विधानसभा चुनाव का सेमिफाइनल माना जा रहा है। पालमपुर, धर्मशाला, मंडी और सोलन का किला जीतने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है।

मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों तक और पार्टी के तमाम पदाधिकारी चुनाव प्रचार में डटे हुए है। शनिवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोलन में प्रचार के दौरान बड़ी बातें कहीं। सीएम ने कहा, कांग्रेस को अब हारने की आदत डाल लेनी चाहिए। कांग्रेस ने 15 साल तक किसी नई पंचायत का गठन नहीं किया, लेकिन भाजपा सरकार में 412 नई पंचायतों का उदय हुआ। नई पंचायतों के गठन से प्रदेश के विकास में भी गति आई है।

कांग्रेस ने 2015 में धर्मशाला को नगर निगम बनाया, उसी समय उन्हें सोलन को भी नगर निगम बनाना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस सोलन शहर का विकास नहीं चाहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने सोलन शहर को उसका हक दिया। सीएम ने ऐलान किया कि अगर भाजपा सत्ता में आती है तो सोलन नगर निगम में शामिल की गई पंचायतों को बाहर कर दिया जाएगा।

वहीं भाजपा प्रदेश महामंत्री राकेश जम्वाल ने कहा कि नगर निगम चुनावों में करारी हार को निकट देखते हुए कांग्रेस पार्टी बेचैन है। कभी बाली को मंडी का प्रभार देती है, कभी उनसे छीन कर कौल सिंह को तो कभी उनसे छीन कर किसी और को। कांग्रेस और भ्रष्टाचार एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। कांग्रेस पार्टी का भ्रष्टाचार से इतना गहरा नाता है कि अपने घोषणा पत्र के पहले पन्ने को इन्होंने केवल भ्रष्टाचार को समर्पित कर दिया है। वहीं, मुख्यमंत्री के चुनाव प्रचार पर विवादित बयान देते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं।

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