नगर निगम चुनावों में टिकट आवंटन को लेकर भाजपा-कांग्रेस असमंजस की स्थिति में आ गई है। दोनों ही पार्टियों में टिकट के चाहवान अधिक हो गए हैं। इसके चलते किसका नाम फाइनल किया जाए और कौन प्रत्याशी जीत हासिल करेगा इस असमंजस में दोनों ही पार्टियां घिर गई हैं। दोनों ही पार्टियों में टिकट के चाहवानों की संख्या वार्डों की संख्या से 3 गुना है, जिससे दोनों की पार्टियों को जिताऊ कैंडिडेट का नाम सुनिश्चित करने में समय लग रहा है। भाजपा में असमंजस की स्थिति ऐसी है कि बताया जा रहा था कि शुक्रवार को नगर निगम के चुनावों में उम्मीदवारों का नाम घोषित कर सकती है लेकिन शुक्रवार को भी नाम की लिस्ट साफ नहीं हो पाई है। भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी 1-2 दिन में लिस्ट फाइनल होने की बात कहकर बात टाल रहे हैं। नगर निगम धर्मशाला में टिकट के चाहवान भाजपा में अधिक हैं। भाजपा की ओर से तकरीबन 70 लोगों ने चुनाव लड़ने के लिए आवेदन किया है। उधर कांग्रेस भी अधिक चाहवानों के चलते असमंजस की स्थिति में है कि किसको भाजपा प्रत्याशी के विपरीत खड़ा किया जाए। हालांकि कांग्रेस साफ कर चुकी है कि नामांकन शुरू होने के 1 दिन पहले कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम जारी कर देगी।

नगर निगम चुनावों में दोनों पार्टियों की नामों को लेकर हो रही देरी से टिकट के चाहवानों में धुकधुकी बढ़ती ही जा रही है। चाहवानों का मानना है कि स्थिति साफ हो जाए तो वह अपना पूरा ध्यान वोटरों की नब्ज टटोलने व वोटरों को अपने पाले में करने में जुट जाएंगे। लेकिन अभी तक स्थिति साफ न होने के चलते वे कोई भी होमवर्क नहीं कर पा रहे हैं।

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