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कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर काम कर रही कंपनी नही दे रही ठेकेदारों को पैसे, दोनों पक्षों में हुई कहासुनी

कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के निर्माण में कार्य कर चुके ठेकेदार बुधवार को निर्माण कार्य कर रही कंपनी के कुड्डी कार्यालय में अपने पैसे के भुगतान के लिए पहुंचे। लेकिन निर्माण कार्य कर रही कंपनी के अधिकारियों ने ठेकेदारों के पैसे का भुगतान करने से साफ मना कर दिया। इसके बाद मामला बढ़ गया और दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि पुलिस को बीच बचाव के लिए मौके पर पहुंचना पड़ा। इस मौके पर ठेकेदारों ने जमकर नारेबाजी की।

साल 2013 में उक्त फोरलेन का कार्य शुरू हुआ था, जोकि साल 2017 में बंद हो गया। आईटीएनएल, आईएल एंड एफएस और न्यू इंडिया निर्माण कार्य अधर में छोड़कर ठेकेदारों के पैसे का भुगतान किए बिना ही चली गईं।

करीब 70 ठेकेदारों का 60 करोड़ रुपये फंस गए। इसके बाद ठेकेदार लगातार अपने पैसे के भुगतान के लिए सरकार और प्रशासन सहित एनएचएआई के समक्ष आवाज उठाते रहे हैं। लेकिन आज दिन तक पैसे का भुगतान नहीं हुआ। ठेकेदार यूनियन के प्रधान जितेंद्र चंदेल ने बताया कि अब इस निर्माण कार्य के लिए नई कंपनी आई है।

इसके अधिकारी से मिलने ठेकेदार बुधवार को कुड्डी गए। लेकिन उन्होंने इस भुगतान को करने से मना कर दिया। बताया कि फोरलेन के किनारे करीब 150 करोड़ का मैटीरियल पड़ा था। जिसे उक्त कंपनी ने कौड़ियों के भाव बेच दिया है।

लेकिन ठेकेदारों के पैसे का भुगतान नहीं किया। बामटा वार्ड के जिला परिषद सदस्य गौरव शर्मा ने भी मौके पर पहुंचकर ठेकेदारों की समस्याओं को सुना और उनकी मांग को उचित ठहराया।

बरमाणा थाना प्रभारी के माध्यम से ठेकेदारों ने उपायुक्त, एसपी बिलासपुर, एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को ज्ञापन भेजा है। इसमें ठेकेदारों ने चेताया है कि अगर उनके पैसे का भुगतान 16 जून तक नहीं हुआ तो वो उक्त फोरलेन का निर्माण कार्य बाधित करने को मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेवारी प्रशासन, सरकार और कंपनी की होगी।


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