Himachal News: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। कॉलेज में अपना भविष्य बनाने आई एक छात्रा की रैगिंग (Ragging) और प्रताड़ना के कारण दुखद मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में कॉलेज की तीन सीनियर छात्राओं और एक प्रोफेसर के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 18 सितंबर को हुई मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ गई थी। इलाज के दौरान 26 दिसंबर को उसने दम तोड़ दिया।
प्रोफेसर और सीनियर छात्राओं पर गंभीर आरोप
पुलिस में दर्ज मामले के मुताबिक, यह घटना धर्मशाला स्थित एक कॉलेज की है। आरोप है कि तीन वरिष्ठ छात्राओं ने पीड़ित छात्रा के साथ रैगिंग के नाम पर मारपीट की। शर्मनाक पहलू यह है कि कॉलेज के एक प्रोफेसर पर भी छात्रा का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा है। जिस शिक्षक पर छात्रा की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वह खुद इस अपराध में शामिल पाया गया। कॉलेज प्रबंधन भी परिसर में चल रही इन हरकतों को रोकने में पूरी तरह विफल रहा है।
अमन काचरू कांड की यादें हुईं ताज़ा
हिमाचल प्रदेश में रैगिंग की वजह से किसी छात्र की जान जाने का यह पहला मामला नहीं है। करीब डेढ़ दशक पहले कांगड़ा के ही एक मेडिकल कॉलेज में अमन काचरू नाम के छात्र की मौत हुई थी। उस समय चार सीनियर छात्रों ने अमन को रैगिंग के दौरान बुरी तरह पीटा था। उस घटना के बाद पूरे देश में रैगिंग के खिलाफ गुस्सा देखने को मिला था। अब एक बार फिर वैसी ही घटना ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद भी नहीं रुका अपराध
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षण संस्थानों में रैगिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि रैगिंग की घटना के लिए संस्थान का प्रमुख जिम्मेदार होगा। इसके बावजूद सीनियर छात्र परिचय के नाम पर नए छात्रों का मनोबल तोड़ रहे हैं। यह महज मजाक नहीं, बल्कि एक आपराधिक कृत्य है। इससे नए विद्यार्थी गहरे मानसिक सदमे में चले जाते हैं और उनकी पढ़ाई भी बाधित होती है। प्रशासन की लापरवाही के कारण आज एक और छात्रा को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
