कोरोना चरम पर है; हर रोज 800 से 900 केस आ रहे है और सरकार एक दिसम्बर से मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज खोलने की तैयारी में है। कोरोना के लिए सरकार द्वारा दी गई गाइडलाइन्स को मानते हुए छात्रों को कॉलेज जाना होगा। उसके लिए छात्रों को अपना कोरोना टेस्ट करवाना होगा और नेगटिव रिपोर्ट साथ लेकर कॉलेज जाना होगा। यह निर्देश स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी ने सचिवालय में में आयोजित प्रेस वार्ता में कही। उनका कहना था कि कोरोना महामारी के दौर के बीच पहले प्रथम प्रथम और अंतिम वर्ष की कक्षाएं शुरू की जाएगी। 7 दिसम्बर के बाद सभी छात्रों को बुलाया जाएगा।

बता दें कि अभी कुछ समय पहले नेशनल कमीशन की ओर से निर्देश दिए गए है कि सभी मेडिकल कॉलेज खोल दिए जाएं। इन्हीं निर्देशों के आधार पर सरकार ने यह फैसला लिया। सचिव स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि हिमाचल में मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज में रोजाना कोरोना टेस्ट होंगे जो हर रोज 6000 के आस पास प्रतिदिन होंगे।

कोरोना से निपटने के लिए प्रदेश सरकार अहम कदम उठा रही है। देखने में आ रहा है कि कहीं न कहीं लोगों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है, ऐसे में जनता को तो सतर्क रहना ही है लेकिन इस स्थिति में सरकार का भी जनता को सहयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में नॉन कोविड मरीजों के उपचार में कोताही बरतने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, वहीं सरकार द्वारा 25 नवम्बर से चलाए गए हिम सुरक्षा अभियान के तहत 90000 मरीजों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। इसमें 8000 टीमें लगी हैं। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के कोविड अस्पतालों में अब स्टाफ की कोई कमी नहीं है। सरकार ने अब मेडिकल कॉलेजों से कुछ डॉक्टरों व नर्सों को कोविड अस्पतालों में भेज दिया है ताकि कोविड अस्पतालों में मरीजों को कोई दिक्कत न आए। कोरोना की स्थिति का जायजा लेने के लिए जो केंद्र से टीम आई है अभी तक उसने किसी भी प्रकार के कोई निर्देश नहीं दिए हैं। यह टीम प्रदेश के कोविड अस्पतालों का जायजा ले रही है।

By RIGHT NEWS INDIA

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