पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को प्रदर्शन कर रहे किसानों से मोबाइल टॉवर को नुकसान नहीं पहुंचाने की अपील की है। खबरें आ रहीं थी कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने पंजाब के कई हिस्सों में मोबाइल टॉवर की बिजली प्रभावित की थी। सीएम सिंह ने किसानो से ‘जनता को असुविधा’ नहीं पहुंचाने का आग्रह किया है। इस दौरान सीएम ने राज्य में कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव का हवाला दिया है। दिल्ली की सीमा पर बीते एक महीने से किसानों का प्रदर्शन जारी है।

पंजाब में मोबाइल टॉवरों की बिजली को प्रभावित करने की खबरों के बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों से शांत रहने की अपील की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोविड-19 महामारी के बीच टेलीकॉम कनेक्टिविटी बहुत जरूरी हो गई है। इसके अलावा उन्होंने किसानों से दिल्ली की सीमाओं पर जारी प्रदर्शनों के बीच अनुशासन में रहने की बात कही है।

उन्होंने किसानों से कहा है कि किसान जबरदस्ती टेलीकॉम कनेक्टिविटी को काटकर या कर्मचारियों पर दवाब डालकर कानून को अपने हाथ में न लें। इसके अलावा उन्होंने कहा है कि इस तरह के काम पंजाब के हित में नहीं हैं। सीएम ने कहा कि पंजाब के लोग ‘काले’ कनूनों के खिलाफ लड़ाई में किसानों के साथ खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे। उन्होंने किसानों निवेदन किया कि तय करें कि इंसाफ की लड़ाई में राज्य की जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

सीएम ने कहा कि जबरदस्ती टेलीकॉम सेवाओं को प्रभावित करना छात्रों की पढ़ाई ही नहीं, बल्कि महामारी के कारण घर से ही काम रहे लोगों के जीवन को भी प्रभावित कर रहा है। इसका असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले ही बिगड़ी हुई अर्थव्यवस्था का सामना कर रहे राज्य में टेलीकॉम सेवाओं का प्रभावित होना बुरा असर डालेगा। सीएम सिंह ने किसानों से बगैर जनता को असुविधा पहुंचाए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए कहा है।

उन्होंने कहा कि ऐसे काम उनकी सरकार के टेलीकॉम सेक्टर में निवेशकों को आकर्षित करने की कोशिशों को भी प्रभावित करेगा। हाल ही में उन्होंने नई टेलीकॉम गाइडलाइन्स 2020 की घोषणा की है, जिसका मकसद राज्य में टेलीकॉम कनेक्टिविटी को सुधारना है।

error: Content is protected !!