World News: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों ने ईरान को हिला कर रख दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने दावा किया है कि इस भीषण सैन्य कार्रवाई में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और 48 अन्य शीर्ष नेता मारे गए हैं। इस हमले में ईरान की नौसेना को भी भारी नुकसान पहुँचा है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी मिसाइलें दागी हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध की स्थिति पैदा हो गई है।
ईरानी नेतृत्व पर सर्जिकल स्ट्राइक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक हालिया इंटरव्यू में इस सैन्य अभियान की पुष्टि की है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के साझा हमलों में ईरान के 48 बड़े नेता खत्म हो गए हैं। उन्होंने इसे इतिहास की सबसे बड़ी सैन्य सफलताओं में से एक बताया। ट्रंप ने कहा कि इतने कम समय में ईरानी नेतृत्व के इतने बड़े हिस्से को निशाना बनाना एक असाधारण उपलब्धि है।
चीफ ऑफ स्टाफ समेत 40 सैन्य कमांडर ढेर
इजरायली रक्षा बल (IDF) ने भी इस ऑपरेशन के विवरण साझा किए हैं। IDF के दावों के अनुसार, इस हमले में ईरान के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुलरहीम मौसावी सहित करीब 40 महत्वपूर्ण सैन्य कमांडर मारे गए हैं। इजरायल का कहना है कि यह हमला ईरान के सर्वोच्च कमांडर पर की गई कार्रवाई के तुरंत बाद किया गया। इस स्ट्राइक ने ईरान की सैन्य指挥 (Command) संरचना को पूरी तरह ध्वस्त करने की कोशिश की है।
नौसेना को लगा गहरा जख्म: 9 युद्धपोत डूबे
जमीनी हमलों के साथ-साथ नौसैनिक मोर्चे पर भी ईरान को बड़ा झटका लगा है। डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने ईरान के नौसेना मुख्यालय को भारी नुकसान पहुँचाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक ईरान के नौ युद्धपोत समुद्र में डुबो दिए गए हैं। हालांकि, इन दावों की अभी किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा पुष्टि की जानी बाकी है।
ईरान का पलटवार और क्षेत्र में बढ़ता तनाव
ईरान ने इन हमलों का जवाब देने के लिए सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। अमेरिकी सेना ने स्वीकार किया है कि इस जवाबी कार्रवाई में तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए और पांच गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी विमानवाहक पोत ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि जहाज सुरक्षित है और अपना मिशन जारी रखे हुए है।
खाड़ी देशों में मंडराया युद्ध का खतरा
यह संघर्ष अब केवल ईरान, इजरायल और अमेरिका तक सीमित नहीं रहा है। ईरानी मिसाइलों के रुख ने यूएई, कतर, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन जैसे देशों की चिंता बढ़ा दी है। पूरे खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल है। अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के दावों ने इस आग में घी डालने का काम किया है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
