Patna News: Supreme Court के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने शनिवार को पटना में एक बहुत बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि न्याय प्रणाली में सहानुभूति का होना बेहद जरूरी है। यही एक अच्छे समाज की पहचान बनाती है। CJI पटना के चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (CNLU) के दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि न्याय उन लोगों तक जरूर पहुंचना चाहिए, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। इस दौरान उन्होंने युवा वकीलों को करियर और नैतिकता के बीच संतुलन बनाने का मंत्र भी दिया।
वकीलों के लिए क्या है असली सफलता?
समारोह में CJI ने युवा वकीलों को एक खास सलाह दी। उन्होंने कहा कि करियर में आगे बढ़ने के लिए जोश और मेहनत बहुत जरूरी है। लेकिन इसके चक्कर में अपनी इंसानियत और भावनाओं को नहीं खोना चाहिए। अक्सर नए वकील काम और नियमों में इतना डूब जाते हैं कि वे मशीन बन जाते हैं। Supreme Court के मुख्य न्यायाधीश ने समझाया कि अगर कानून आपके जीवन पर पूरी तरह हावी हो जाएगा, तो आप न्याय के लिए जरूरी समझ को खो देंगे। एक वकील के अंदर दया और सहानुभूति का होना बहुत आवश्यक है।
समाज के हर वर्ग के लिए है कानून
CJI ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि कानून सिर्फ उन लोगों के लिए नहीं है जो इसे खरीद सकते हैं। यह उन गरीबों और जरूरतमंदों के लिए भी है जो अपनी आवाज नहीं उठा सकते। वकीलों को अपनी काबिलियत का इस्तेमाल आम लोगों के फायदे के लिए करना चाहिए। Supreme Court के CJI का मानना है कि सिर्फ कानून की डिग्री होना काफी नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या आप उस कानून का उपयोग समाज को बेहतर बनाने के लिए कर रहे हैं? क्या आप उन समुदायों की मदद कर रहे हैं जिन्हें न्याय की सख्त दरकार है?
बिहार की धरती को बताया महान
अपने दो दिवसीय दौरे पर CJI सूर्यकांत ने बिहार के इतिहास की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह धरती हमेशा से बड़े विचारकों और ज्ञानियों की रही है। यहाँ हमेशा से तर्क और न्याय को महत्व दिया गया है। बिहार ने देश को न्यायशास्त्र के कई महान चिंतक दिए हैं। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और यादों में बिहार का एक बहुत खास स्थान है। यहाँ न्याय का मतलब हमेशा से नैतिकता और जिम्मेदारी से जुड़ा रहा है।
पटना हाई कोर्ट को मिली नई सौगात
इस मौके पर न्यायपालिका को मजबूत करने के लिए भी बड़े कदम उठाए गए। CJI ने पटना हाई कोर्ट परिसर में सात नई परियोजनाओं की नींव रखी। इसमें एक नया एडीआर भवन, आईटी बिल्डिंग और वकीलों के लिए प्रशासनिक भवन शामिल है। इसके अलावा एक अस्पताल और मल्टी-लेवल पार्किंग भी बनाई जाएगी। Supreme Court के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालतों में अच्छी सुविधाएं होना बहुत जरूरी है। आबादी और मुकदमे बढ़ रहे हैं, इसलिए हमें अपनी तैयारी भी उसी हिसाब से रखनी होगी। इससे जजों और वकीलों को काम करने में आसानी होगी।

