अमेरिका का प्रमुख बैंक सिटीबैंक भारत से अपना बोरिया बिस्तर समेटने की तैयारी में है। बैंक ने गुरुवार को कहा कि वह भारत में अपना कंज्यूमर बैंकिंग बिजनस बंद करने जा रहा है। बैंक का कहना है कि यह उसकी ग्लोबल स्ट्रैटजी का हिस्सा है। बैंक के कंज्यूमर बैंकिंग बिजनस में क्रेडिट कार्ड्स, रीटेल बैंकिंग, होम लोन और वेल्थ मैनेजमेंट शामिल है। सिटीबैंक की देश में 35 शाखाएं हैं और उसके कंज्यूमर बैंकिंग बिजनस में करीब 4,000 लोग काम करते हैं।

गुरुवार को बैंक ने कहा कि वह 13 देशों में कंज्यूमर बैंकिंग बिजनस बंद कर रहा है। बैंक के ग्लोबल सीईओ Jane Fraser ने कहा कि इन देशों में प्रतिस्पर्द्धा का माहौल नहीं है। हालांकि तत्काल इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई लेकिन कंज्यूमर बैंकिंग बिजनस से बाहर निकलने के लिए नियामकीय मंजूरियों की भी जरूरत होगी।

1902 में आया था भारत
सिटी इंडिया के चीफ एग्जीक्यूटिव आशु खुल्लर ने कहा कि हमारे ऑपरेशंस में तत्काल कोई बदलाव नहीं आया है और इस घोषणा से हमारे साथियों पर तत्काल कोई असर नहीं होगा। हम अपने ग्राहकों की समान भाव से सेवा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि आज की घोषणा से बैंक की सेवाएं और मजबूत होंगी। संस्थागत बैंकिंग कारोबार के अलावा, सिटी अपने मुंबई, पुणे, बेंगलुरू, चेन्नई और गुरुग्राम केंद्रों से वैश्विक कारोबार पर ध्यान देता रहेगा। सिटी को वित्त वर्ष 2019-20 में 4,912 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था जो इससे पूर्व वित्त वर्ष में 4,185 करोड़ रुपये था। सिटीबैंक ने 1902 में भारत में प्रवेश किया था और 1985 में बैंक ने कंज्यूमर बैंकिंग बिजनस शुरू किया था।

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